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सुनवाई के दौरान अदालत ने यह जानना चाहा कि आखिर हिंदी विषय को हटाने के पीछे क्या वजह है
प्रार्थी रमेश हांसदा एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. इसमें राज्य सरकार द्वारा JSSC नियमावली में किये गए संशोधन को गलत बताया गया है. साथ ही इसे निरस्त करने की मांग अदालत से की गई है. याचिका में कहा गया है कि झारखंड सरकार ने नियमावली में संशोधन किया है, जिसके तहत राज्य के संस्थान से ही दसवीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वाले छात्र ही नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे. यह नियम सिर्फ सामान्य श्रेणी के छात्रों पर ही लागू होगी, जबकि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के मामले में यह आदेश लागू नहीं होगा. वहीं भाषा के पेपर से हिंदी और अंग्रेजी को भी हटा दिया गया है. जबकि उर्दू, बांग्ला और उड़िया भाषा को शामिल किया गया है. इन शर्तों के कारण JSSC के द्वारा नियुक्तियों के लिए जारी विज्ञापन में कई अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए इस नियमावली को रद्द किया जाना चाहिए. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-feedback-and-napkin-machines-installed-in-community-toilets-deteriorated-people-troubled-by-filth/">जमशेदपुर: सामुदायिक शौचालयों में लगी फीडबैक व नैपकिन मशीनें खराब, गंदगी से परेशान लोग [wpse_comments_template]

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