Ranchi : झारखंड में पिछले 35 वर्षों के दौरान हीटवेव (उष्ण लहर) की घटनाओं में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह खुलासा सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा मंगलवार को आयोजित एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम में किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक गर्मी की घटनाओं पर डेटा-आधारित शोध को बढ़ावा देना और राज्य-विशिष्ट एक्शन प्लान तैयार करना था.
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alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम में सीड द्वारा तैयार शोध रिपोर्ट ‘स्कॉर्चिंग रियलिटी : राइजिंग हीटवेव्स इन इंडिया – द केस ऑफ झारखंड’ जारी की गई. इसमें वर्ष 1990 से 2024 तक की हीटवेव की घटनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में झारखंड में कुल 590 दिन हीटवेव रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में हीटवेव की आवृत्ति में लगभग 300% की वृद्धि को दर्शाता है. महीनों के हिसाब से आंकड़े
एक्ट 1995 फिर सुर्खियों में, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस
alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम में सीड द्वारा तैयार शोध रिपोर्ट ‘स्कॉर्चिंग रियलिटी : राइजिंग हीटवेव्स इन इंडिया – द केस ऑफ झारखंड’ जारी की गई. इसमें वर्ष 1990 से 2024 तक की हीटवेव की घटनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में झारखंड में कुल 590 दिन हीटवेव रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में हीटवेव की आवृत्ति में लगभग 300% की वृद्धि को दर्शाता है. महीनों के हिसाब से आंकड़े
- मई: 275 दिन
- अप्रैल: 183 दिन
- जून: 132 दिन
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