Search

 
 
 

एचईसी मजदूर जन संघर्ष समिति ने किया बीजेपी प्रदेश कार्यालय का घेराव

 
Ranchi: राजधानी रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय का एचईसी मजदूर जन संघर्ष समिति ने गुरुवार को घेराव किया. एचईसी मजदूरों और कर्मियों को करीब 20 महीने से वेतन नहीं मिला है. साथ ही वर्कऑर्डर को पूरा करने के लिए भी क्रियाशील पूंजी नहीं है. बताते चलें कि प्लांट के मजदूर और कर्मी लगातार 37 दिनों से एचईसी प्लांट के पास अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इसे पढ़ें- बिहारः">https://lagatar.in/bihar-despite-cms-order-education-secretary-did-not-issue-letter-regarding-change-of-school-timings-uproar-in-bihar/">बिहारः

सीएम के आदेश के बावजूद शिक्षा सचिव ने नहीं निकाला स्कूलों के बदले समय को लेकर लेटर, विस में हंगामा

एचईसी कर्मियों की मांगें

  1. नीति आयोग सदस्य डॉ वी के सारस्वत की अनुशंसानुसार अविलंब एचईसी का आधुनिकीकरण सुनिश्चित करें.
  2. बैंक गारंटी की पुरानी व्यवस्था को शुरू करें और अविलंब कार्यशील पूंजी की व्यवस्था सुनिश्चित करें.
  3. नितांत विपरीत परिस्थितियों में भी एचईसी कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा पर गर्व करते हुए उनके बकाया 20 महीनों के वेतन का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें, ठेका मजदूरों की नियम सम्मत हाजिरी और उनका स्थाईकरण सुनिश्चित करें, और कार्य परिसर में मजदूरों- कमचारियों की बुनियादी जरूरतों की सुचारू आपूर्ति और प्रबंधन अविलंब सुनिश्चित कराएं.
  1. सभी बड़े उद्योगों और संवेदनशील क्षेत्रों से एचईसी को योग्य आदेश दिलाना सुनिश्चित करें जिससे एचईसी कर्मियों की दक्षता का उचित सदुपयोग देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में हो सके.
  2. 2047 तक भारत को विकसित देश और झारखंड को उन्नततम औद्योगिक राज्य बनाने के लिए (जिससे पलायन रुके और राज्य विकसित बने) उद्योगों के जाल की जरूरत होगी जिसके लिए मातृ उद्योग एचईसी का व्यापक विस्तार करना होगा, अतः एचईसी परिसर की एक इंच जमीन भी न बेची जाए न लीज पर दी जाये.
इसे भी पढ़ें- CBI">https://lagatar.in/cbi-searches-the-residence-office-of-former-governor-satyapal-malik-in-delhi-raids-in-jammu-and-kashmir-also/">CBI

ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दिल्ली स्थित आवास-कार्यालय सहित जम्मू-कश्मीर में रेड की
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही