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लाठी चार्ज के विरोध में एचईसी कर्मियों ने रोका प्रोजेक्ट भवन जाने वाला रास्ता

Subham Kishor Ranchi : एचईसी कर्मियों ने गुरुवार को बकाये वेतन की मांग और लाठीचार्ज के विरोध में काम ठप कर दिया है. कर्मियों ने प्रोजेक्ट भवन जाने वाला रास्ता भी रोक दिया और जाम कर जमकर नारेबाजी की. एचईसी कर्मियों का साथ देने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अजय नाथ शाहदेव पहुंचे. सुबोध कांत सहाय ने कहा कि एक तो एसईसी प्रबंधन यहां के कामगारों को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दे रहा है और हक के लिए आवाज उठाने वाले कामगारों पर लाठी चार्ज करा रहा है. यह सब नहीं चलने वाला है. एचईसी प्रबंधन होश में आये, नहीं तो अधिकारियों को जोरदार विरोध का सामना करना पड़ेगा. कहा कि मोदी सरकार के कारण एचईसी के कामगारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हुई है. बार- बार के आग्रह के बाद भी 19 महीने का बकाया वेतन नहीं दिया गया है.

शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा

एचईसी कर्मियों ने कहा कि हम अपनी मांग शांतिपूर्ण ढंग से रख रहे थे. ऐसे में हमारे ऊपर लाठीचार्ज किया गया, यह हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. इसके साथ उन्होंने लाठीचार्ज करने वाले जवानों को सस्पेंड करने और उनके लंबित वेतन दिये जाने की मांग की. हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा. लेकिन मुख्यालय जाने वाले लोगों का मार्ग नहीं रोका जाएगा. प्रबंधन द्वारा दो दिनों का समय मांगा गया है. सोमवार तक जवाब देने की बात कही गयी है.

राज्यपाल ने दिया है आश्वासन

इस बीच एक कार्यक्रम के दौरान एचईसी कर्मियों के बकाए वेतन के सवाल पर झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि जो मामला उनके समक्ष आया है, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं. हम इस मामले पर काम कर रहे हैं. जल्द से जल्द एचईसी कर्मियों को बकाए वेतन का भुगतान हो, उस पर काम कर रहे हैं.

बुधवार को हुआ था लाठी चार्ज

बता दें कि एचईसी कर्मी बुधवार 11 अक्टूबर को 20 महीनों से लंबित वेतन की मांग को लेकर एचएमडीपी एडीएम बिल्डिंग में धरना दे रहे थे. वेतन भुगतान की मांग करते हुए निदेशक (वित्त) राजेश कुमार द्विवेदी और निदेशक (उत्पादन) एसडी सिंह का घेराव किया. जिससे अधिकारी करीब नौ घंटे तक अपने कार्यालय में ही बंधक बने रहे. शाम के समय अधिकारियों ने सीआइएसएफ की सुरक्षा में बाहर निकलने की कोशिश की, तो कर्मियों ने विरोध शुरू कर दिया. इसके बाद प्रबंधन ने सीआईएसएफ जवानों को बल प्रयोग करने का आदेश दिया. सीआईएसएफ के जवानों द्वारा किये गये लाठीचार्ज में कई कर्मियों के सिर फटे, तो कईयों के हाथ-पैर में चोटें आयी हैं. इसे भी पढ़ें – गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-teacher-assistant-and-dg-with-weekly-practice-chat-bot-launched-based-on-swift-chat/">गढ़वा

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