- शिबू सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन एवं झारखंड श्रमिक संघ की बैठक
- मजदूर एवं विस्थापितों की ज्वलंत समस्याओं लेकर किया जाएगा आंदोलन
स्थानीय को 75 प्रतिशत नियोजन के लिए होगा आंदोलन
बैठक में भाजपा नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार द्वारा 44 श्रम कानून में से 29 श्रम कानूनों को कंपनियों के मालिकों एवं पूंजीपतियों के हित में चार कोड में बदले जाने का निर्णय लिया गया था. इसकी आड़ में रघुवर सरकार ने झारखंड में वर्ष 2015, 2018 एवं 2019 में विधयेक पास किया था. इसे हेमंत सरकार द्वारा संशोधन करते हुए लागू नहीं करने का फैसला लिया गया, जो स्वागत योग्य है. बैठक में केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में कार्यरत आउटसोर्स कंपनी के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 25000 एवं समान काम-समान वेतन लागू करवाने का प्रस्ताव पास किया गया. बैठक में मजदूर एवं विस्थापितों की ज्वलंत समस्याओं तथा हेमंत सरकार द्वारा निजी कंपनियों में विस्थापितों एवं स्थानीय को 75 प्रतिशत नियोजन की घोषणा के क्रियान्वयन को लेकर सभी कंपनी के क्षेत्रों में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.संगठन विस्तार का निर्णय
बैठक में यूनियन के संगठनात्मक बिंदुओं, मजदूर एवं विस्थापितों की ज्वलंत समस्याओं तथा यूनियन के सदस्यता अभियान तथा संगठन की मजबूती पर गहन विचार किया गया. झारखंड की विभिन्न कंपनियों जैसे सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल, डीवीसी, बोकारो स्टील, टाटा स्टील, इलेक्ट्रोस्टील, एसईसी, टाटा मोटर्स तथा निजी प्रतिष्ठानों के साथ-साथ बंगाल राज्य के ईसीएल क्षेत्रों में संगठन विस्तार करने का निर्णय लिया गया. बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन एवं झारखंड श्रमिक संघ के संगठन विस्तार करने के लिए वर्ष 2023 में सदस्यता अभियान चलाने तथा मजदूर-विस्थापितों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.सभी केंद्रीय समिति के सदस्य उपस्थित थे
बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो, विजय हांसदा, महासचिव फागु बेसरा, संगठन सचिव विनोद पांडे, शैलेंद्र कुमार मैथी, जय नारायण महतो, विजय रजवार, निशा हेमरोम, सपन बनर्जी, बोधन मांझी, लखी सोरेन, नकुल महतो, हराधन रजवार, अपूर्व सरकार, युधेश्वर सिंह, रंथू उरांव, सोनाराम मांझी, उमाशंकर चौहान, अर्चना गुप्ता, मुरारी ओझा, आरएन सिंह के साथ यूनियन की सभी केंद्रीय समिति के सदस्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – लातेहार">https://lagatar.in/i-am-also-from-a-small-village-understand-the-sentiments-governor/">लातेहारमें राज्यपाल ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, बोले- मैं भी छोटे गांव से हूं, भावनाएं समझता हूं [wpse_comments_template]
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