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अगले बजट में बच्चों को अंडे, मातृत्व हक, पेंशन और राशन को प्राथमिकता दे हेमंत सरकार : अभियान

  • सामाजिक सुरक्षा योजना को लेकर झारखंड सरकार के वादे पूरे नहीं हुए
Ranchiभोजन का अधिकार अभियान की ओर से बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि सामाजिक सुरक्षा योजना को लेकर झारखंड सरकार के वादे पूरे नहीं हुए हैं. झारखंड सरकार ने आपकी योजना - आपकी सरकार - आपके द्वार आभियान चलाया. फिर भी ग्रीन राशन कार्ड, मध्याह्न भोजन, आंगनबाड़ी और स्कूलों में अंडे बांटे जाने की योजना पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. मांग की गयी कि राज्य के 2023-24 के बजट में सरकार स्कूलों में बच्चों को अंडे खिलाने, मातृत्व हक, पेंशन और गरीबों को राशन देने योजना को प्राथमिकता दे. कहा गया कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 65% से अधिक महिलाएं एनेमिक हैं. वहीं 67.5% बच्चे भी एनेमिक है. कुपोषण के आंकड़े भयावह होते जा रहे हैं. राज्य के कुल 39.4% बच्चे कुपोषित हैं. इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी में बच्चों को मिलने वाला अंडा तथा 2500 पेंशन देने की घोषणाओं को पूरी नहीं किया गया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/अंडा-2_104.jpg"

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छह साल से कम उम्र के बच्चों को एक भी अंडा नहीं मिलता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि सरकार ने स्कूलों में सप्ताह में पांच अंडे और आंगनबाड़ियों में सप्ताह में छह अंडे देने का वादा किया था. लेकिन सरकार आज तक इन्हें पूरा नहीं कर पाई है. स्कूली बच्चों को अभी भी हफ्ते में दो ही अंडे मिल रहे हैं. छह साल से कम उम्र के बच्चों को एक भी अंडा नहीं मिलता है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं को पहले बच्चे के लिए 5000 रुपये का मातृत्व लाभ मिलना है. अगर दूसरा बच्चा लड़की है, तो उसके लिए विस्तारित लाभ देना है. लेकिन इसका भी लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है.

झामुमो के घोषणा पत्र तक ही रह गया 2500 रुपये मासिक पेंशन देने की बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि झामुमो ने 2019 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि बढ़ाकर 2500 रुपये करने का वादा किया था. लेकिन सरकार बनने के तीन साल बाद भी पेंशन राशि अभी भी 1000 रुपये प्रति माह ही मिलती है. सरकार को तुरंत मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर कम से कम 3000 रुपये करना चाहिए.

ग्रीन राशन कार्ड का हाल बेहाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस मे कहा गया कि सरकार ने गरीबों के लिए ग्रीन राशन कार्ड जारी किया था. प्रति माह पांच किलों चावल देने थे. लेकिन पिछले कई महीनों से चावल की आपूर्ति अनियमित रही है. सरकार को इस मसले का तुरंत समाधान करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में परन अमितावा, बिन्नी, एकल नारी सशक्त संगठन झारखंड की प्यारी देवगाम, नागरिक सहायता केंद्र की सोमावती देवी और तारामनी साहू शमिल थीं. इसे भी पढ़ें – सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-indian-womens-hockey-team-will-leave-for-south-africa-on-january-13-4-players-from-jharkhand-included/">सिमडेगा

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