नेता की हत्या पर वामदलों ने की शोकसभा, कहा- राज्य में भू-माफियाओं का मनोबल सातवें आसमान पर सरकार का मानना है कि यह तीनों विधायक जनहित से जुड़ा हुआ है. इसलिए सरकार इसे पुनः सदन में लाएगी. इसके लिए राज्यपाल सचिवालय द्वारा लौटाये गये उक्त विधेयकों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 एवं झारखंड विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम–98 (1) के तहत राज्यपाल के संदेश के साथ राज्य सरकार एवं विधानसभा को उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध राज्यपाल सचिवालय से किया है.
राज्यपाल सचिवालय से लौटाए गए बिल संदेश की कॉपी मांगी
विधानसभा से पारित किसी भी विधेयक पर राज्यपाल की सहमति हेतु राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल सचिवालय को भेजा जाता है. विधेयक पर राज्यपाल की सहमति या असहमति होने पर राज्यपाल द्वारा उक्त विधेयक को लेकर एक संदेश भी संलग्न रहता है, लेकिन वापस किए गए उपरोक्त विधेयक में राज्यपाल सचिवालय द्वारा संदेश संलग्न नहीं किया गया है. राज्य सरकार इन विधेयकों को विधिवत पुनः विधान सभा में लाने हेतु कार्य कर रही है, इसलिए राज्यपाल सचिवालय से उक्त संदेश को उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है. ताकि सरकार पूरी मजबूती के साथ जनहित के इन विधेयकों को पुनः विधानसभा के पटल पर उपस्थित कर सके. इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-e-waste-increased-air-pollution-3-times-in-10-years-causing-many-serious-diseases-including-cancer/">जमशेदपुर: ई-कचरे ने 10 साल में 3 गुना बढ़ाया वायु प्रदूषण, कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का भी बन रहा कारण [wpse_comments_template]
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