- सोमवार से शुरू होगा बजट सत्र, विपक्ष के आरोप का मजबूती से जवाब देने की बनी रणनीति
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुलायी गयी सत्तारूढ़ दल के मंत्री और विधायकों की बैठक
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सीएम की अध्यक्षता में बुलायी बैठक में बनी रणनीति
सोमवार से शुरू होने वाले बजट सत्र के पहले रविवार शाम को मुख्यमंत्री आवास में सत्तारूढ दल की बैठक बुलायी गयी. सदन में विपक्ष के मुद्दों पर कड़ा जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में यह बैठक हुई. बैठक में सत्ता पक्ष के मंत्री, झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक शामिल हुए. बता दें कि सोमवार को सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा. उसके बाद शोक प्रस्ताव होगा, फिर कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी.alt="" width="1032" height="688" />
सर्वदलीय बैठक से भाजपा ने बनायी थी दूरी
बीते दिनों विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बुलायी गई सर्वदलीय बैठक में जिस प्रकार से भाजपा विधायक दल के नेता शामिल नहीं हुए, उससे यह साफ हो गया कि इस बार का अधिवेशन पूरी तरह से हंगामेदार होगा. वित्तीय अराजकता की बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश पहले ही कह चुके हैं कि हेमंत सरकार के द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में काफी कम राशि ही खर्च हुई है. जो भी पैसे खर्च किए गए हैं, वह मंत्रियों के आलीशान बंगले और गाड़ियों के लिए खर्च हुए. ऐसे में विपक्षी दल होने के नाते भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी और सरकार के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी.alt="" width="1032" height="688" />
जानें, विधायकों ने क्या कहा...
- बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने मीडिया को बताया कि सरकार की सोच यही है कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलने में सहयोग करें. जनहित के मुद्दों पर बात बने.
- मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, सीएम ने सभी को निर्देश दिया है कि विपक्ष के आरोपों को सरकार के विधायक बड़ी ही शालीनता के साथ जवाब देंगे. विपक्ष अगर जन उपयोगी बातों को लाएगा, तो उसका स्वागत किया जाएगा. सरकार की बातों को विधायक प्रमुखता से रखेंगे.
- मिथिलेश ठाकुर ने कहा, बजट सत्र में सरकार सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी. इसमें युवाओं के लिए नियोजन नीति, किसानों, व्यापारियों सभी के लिए घोषणाएं होंगी.

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