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झारखंड में ईडी-सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों पर हेमंत सरकार का बड़ा फैसला

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  • किसी को सीधे नहीं दे सकेंगे समन
  • कैबिनेट की बैठक में 34 प्रस्तावों पर लगी मुहर
  • रांची के कोर कैपिटल एरिया में बनेगा ताज होटल
  • साइबर अपराध रोकने के लिए 8 जिलों में होंगे साइबर थाने
  • नामकुम-डोरंडा सड़क होगी चौड़ी
Ranchi: झारखंड सरकार के पदाधिकारी किसी भी बाहरी जांच एजेंसी के समन पर सीधे हाजिर नहीं होंगे. वे ऐसी एजेंसी को सीधे दस्तावेज या सरकारी अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराएंगे. समन प्राप्त होने पर उन्हें सबसे पहले विभागीय प्रमुख को सूचित करना होगा. विभागीय प्रमुख का दायित्व होगा कि वे बगैर देरी किए मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को सूचित करेंगे. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग इसपर विधिक परामर्श लेगा. मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में राज्य कैबिनेट की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया. निर्णय में किसी खास एजेंसी के नाम का उल्लेख नहीं है. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि विगत कुछ समय से राज्य सरकार के संज्ञान में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें राज्य के बाहर की जांच एजेंसियों द्वारा सरकार के सक्षम प्राधिकार को बताए बगैर पदाधिकारियों को सीधे नोटिस या समन भेज कर उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है. कई मामलों में सरकारी दस्तावेज व अभिलेख की मांग भी जांच एजेंसी द्वारा की जाती है. जांच एजेंसियों की नोटिस के बाद पदाधिकारी अपने विभागीय प्रधान या वरीय अधिकारी को संज्ञान में लाए बिना ही सरकारी दस्तावेज और अभिलेख एजेंसियों को सौंप देते हैं, जो प्रचलित नियमों के अनुकूल नहीं हैं. इससे संबंधित कार्यालय में भ्रम की स्थिति पैदा होने के साथ-साथ सरकारी कार्य में बाधा आती है. प्रस्ताव में यह भी उल्लेख है कि भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राज्य सरकार की जांच इकाई के रूप में कार्यरत है. नए वर्ष में झारखंड कैबिनेट की पहली बैठक में कुल 34 प्रस्ताव पर मुहर लगे. इसमें पथ निर्माण की प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति मिली. राज्य सरकार के पदाधिकारियों को राज्य के बाहर की जांच एजेंसियों से प्राप्त समन या नोटिस के अनुपालन हेतु, आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत करने की स्वीकृति दी गई. अब अफसर समन आने की जानकारी मंत्रिमंडल निगरानी को उपलबध कराएंगे. झारखंड आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन एवं मानदेय (अन्य शत्तों सहित) नियमावली, 2022 में संशोधन करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. इसके अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा के झारखंड राज्य में पदस्थापित संयुक्त सचिव से अनुमन्य स्तर तथा अन्य सेवा के अपर सचिव से अनुमन्य स्तर के सभी पदाधिकारी को लैपटॉप/टैबलेट ( दोनों में से कोई एक) की सुविधा मिलेगी. विश्वस्तरीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रांची में ताज ग्रुप द़वारा 5 स्टार होटल का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए कोर कैपिटल एरिया के साइट-1 में छह एकड़ जमीन इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड को लीज पर उपलब्ध करायी जाएगी. नगर विकास विभाग के इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी. झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका (संशोधन) नियमावली, 2024 के गठन की स्वीकृति दी गई. रांची के इटकी अंचल स्थित ठाकुरगांव में 4.00 एकड़ भूमि अजीम प्रेमजी स्कूल की स्थापना के लिए 75 प्रतिशत रियायती दर पर 99 वर्ष के लिए लीज पर जमीन दी जाएगी. इसकी एवज में 60.72 लाख का भुगतान अजीम प्रेमजी द्वारा किया जाएगा.

बेहतर सड़क आवागमन के लिए कई प्रस्ताव स्वीकृत

पाकुड़ के कोयला मोड़ से छोटा मोहनपुर (एसएच-07 पर) भाया पाईकपारा पथ (कुल लम्बाई -7.200 किमी) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी. वहीं इस सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य के लिए 44.45 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. पथ प्रमंडल, गढ़वा अन्तर्गत हूर मोड़ (डाल्टनगंज-शाहपुर पथ) से डाल्टनगंज बोर्डर वाया डुमरिया-डंडा पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा. जिसकी कुल कुल लम्बाई -19.250 किमी है. इस पर कुल 86.15 खर्च होंगे.

नामकुम से डोरंडा पथ के चौड़ीकरण पर खर्च होंगे 126 करोड़

रांची के नामकुम से डोरंडा पथ के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और भू-अर्जन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति मिली. 126 करोड़ की लागत से कुल 6.70 किमी सड़का का निर्माण होगा. इसके आलावा धनबाद नगर निगम अन्तर्गत 30 करोड़ की लागत से रेल अंडर ब्रिज बनेगा. पाकुड़ के विक्रमपुर से महारो (ओडीआर पर) भाया कालिदासपुर, सिउलीडंगा पथ जिसकी कुल लम्बाई 9.530 किमी है. अब इस सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य पर कुल 61.41 खर्च के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. गुमला में खूंटी-तोरपा-कोलेबिरा पथ के किमी 56 से 82.055 किमी (कुल लम्बाई-26.055 किमी) की क्वालिटी में सुधार कार्य होगा. जिसपर कुल 30.61 करोड़ खर्च होंगे. वहीं पाकुड़ के शहरकोल से प्यादापुर पथ (पाकुड़ बाईपास) जिसकी कुल लम्बाई-6.340 किमी है. इस सड़क के निर्माण पर 36.85 करोड़ खर्च के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. बोकारो एनएच- 23 से राधागांव रेलवे स्टेशन भाया बीपीसीएल एलपीजी प्लांट एंड रिटेल डिपो पथ, जिसकी कुल कुल लम्बाई 7.179 किमी है. इस सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया. इसके पुनर्निर्माण पर 34.73 करोड् खर्च को स्वीकृति दी गई.  

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