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अपनी करनी का फल भोग रहे हैं हेमंत : बाबूलाल मरांडी

लोहरदगा के भंडरा में बाबूलाल ने किया जनसभा को संबोधित

Ranchi : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने लोहरदगा के भंडारा में भाजपा प्रत्याशी समीर उरांव के पक्ष में सभा को संबोधित किया. कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी आम जनता की जरूरत को समझते हैं. उसकी चिंता करते हैं, जबकि इंडी गठबंधन के लोग अपने परिवार की चिंता करते हैं. झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और राजद की सरकार बनने के बाद पिछले 4 वर्षों से लूट की कहानी आप चारों तरफ़ से सुन रहे होंगे. कोयला, बालू, पत्थर, लोहा सब लूटा गया है. यहां तक कि सरकारी और सेना की जमीन को भी इन लोगों ने नहीं छोड़ा. फर्जी कागज बनाकर इसकी भी लूट की. यही कारण है कि आज हेमंत सोरेन जेल में हैं. ये लोग परिवार और पैसे के लिए राजनीति करते हैं. बाबूलाल ने कहा कि हेमंत सोरेन को किसी ने फंसाया नहीं है. वह खुद फंसे हैं. आज देश में कोई भी ऐसा मुख्यमंत्री नहीं है, जो अपने नाम से खदान का लीज लेता हो. कोई भी ऐसा मुख्यमंत्री नहीं है जो अपनी पत्नी के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में जमीन लीज पर लेता हो. यह काम हेमंत सोरेन ने किया. ऐसे में जेल कौन जाएगा, भुगतना तो उन्हें ही पड़ेगा.

इंडी गठबंधन के लोग झारखंड और देश विरोधी

मरांडी ने कहा कि इंडी गठबंधन के लोग झारखंड और विकास विरोधी हैं. देश आजाद होने के समय से ही झारखंड अलग राज्य गठन की लड़ाई चल रही थी. पहले जयपाल सिंह ने यह मांग उठाई थी. कांग्रेस ने जयपाल सिंह को अपने में मिला लिया. पैसे से खरीद लिया. उसके बाद शिबू सोरेन ने लड़ाई लड़ी सरकार बचाने के लिए शिबू सोरेन को भी पैसे से खरीद लिया. सीबीआई जांच होने पर शिबू सोरेन को जेल तक जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 50-60 साल से देश की सत्ता में थी. अगर वह चाहती तो झारखंड कब का अलग राज्य बन गया होता, लेकिन उसने कभी झारखंड के लोगों की भावना का सम्मान नहीं किया. झारखंड अलग राज्य के लिए आंदोलन करने वाले लगातार पैसे पर बिकते रहे. बीजेपी ने लोगों से वादा किया था कि सत्ता में आने पर झारखंड अलग राज्य का गठन करेगी. अटल बिहारी वाजपेई की केंद्र में सरकार बनते ही 15 नवंबर, 2000 को झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ. झारखंड अलग राज्य भाजपा की देन है.

मोदी ने गांव और घरों की तस्वीर बदल दी

उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के लोग विकास विरोधी हैं. जबकि मोदी ने विकास किया. पहले गांव में लालटेन और ढिबरी का जमाना था. केरोसिन के लिए संघर्ष होता था. इसे लेकर हो हल्ला होता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद घर-घर बिजली पहुंच गई है. आज लोग ढिबरी और लालटेन जलाना भूल गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने गांव और घरों की तस्वीर बदल दी है. इसे भी पढ़ें : जनसमस्याओं">https://lagatar.in/quick-solution-to-public-problems-will-be-my-priority-yashaswini/">जनसमस्याओं

का त्वरित निदान होगी मेरी प्राथमिकता- यशस्विनी
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