Ranchi : झारखंड के वैसे ग्राम पंचायत, जिसकी जनसंख्या 5000 से अधिक है, में राज्य सरकार दो औषधि विक्रय प्रतिष्ठान (मेडिकल दुकान) खोलेगी. स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं कल्याण विभाग ने यह तैयारी की है. बीते वर्ष अक्टूबर माह में विभाग द्वारा इस बाबत संकल्प भी जारी किया गया था. इसमें कहा गया था कि राज्य अंतर्गत सभी पंचायतों में वैसी औषधियों की बिक्री के लिए, जिसके लिए फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है, दुकानों का लाइसेंस जारी किया जाएगा. पंचायतों में खुलने वाली एक भी मेडिकल शॉप अनुसूचित जनजाति या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं किया गया है.
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मेडिकल दुकानों के आवेदन के लिए प्राथमिकताएं
विभाग ने पंचायतों में मेडिकल शॉप खोलने के लिए लोगों द्वारा दिये जाने वाले आवेदन के लिए कई प्राथमिकता भी तय की है. इसमें शैक्षणिक योग्यता, संबंधित गांव का स्थानीय निवासी, ग्राम पंचायत में अधिक जनसंख्या वाले ग्राम में अवस्थित आवेदित संस्थान और स्वयं के स्वामित्व वाली दुकान होना शामिल हैं.ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी खराब
बता दें कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति काफी खराब है. स्वास्थ्य संबंधी सामान्य दिक्कत होने पर भी ग्रामीणों को दवा खरीदने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. समय पर दवाएं नहीं मिलने पर मरीजों की मौत तक हो जाती है. राज्य सरकार ने इस परेशानी को दूर करने की दिशा में काम करना शुरू किया है. सरकार की योजना अगर धरातल पर उतरती है, तो स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है. इससे मेडिकल शॉप में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आसानी से दवा मिल पाएगी. साथ ही, शिक्षित ग्रामीणों के रोजगार एवं आय स्रोत के साधन में भी वृद्धि होगी. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/many-problems-of-vehicle-vendors-in-jharkhand-have-been-resolved-fada/">झारखंडमें वाहन विक्रेताओं की कई समस्याओं का हुआ समाधान- FADA [wpse_comments_template]
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