अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार को हर हाल में रोकें, करें कार्रवाईः सीएम
Lagatar Desk Ranchi: राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार को हर हाल में रोकें. सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एंटी करप्शन ब्यूरो को सक्रिय करें. उड़न दस्ता टीम का गठन करें. उड़न दस्ता टीम अंचल कार्यालयों में जाकर देखे कि कहां किस स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है. फिर कार्रवाई करें. अफसरों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन तक पहुंची शिकायतों की जानकारी दी. कहा कि दाखिल-खारीज के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है. भ्रष्टाचार में शामिल अफसरों, कर्मियों व दलालों के खिलाफ कार्रवाई करें. ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो. अंचल कार्यालयों पर आरोप है कि जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने की वजह से ही राज्य में जमीन को लेकर झगड़े की घटनाएं बढ़ रही है. इस काम में लगे दलालों ने अंचल कार्यालयों से मिल कर फर्जी कागजात के आधार पर जमीनों की हेरा-फेरी की है. सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की बात करें तो सबसे अधिक भ्रष्टाचार की शिकायतें अंचल कार्यालयों से आती है. हर काम के बदले वहां पैसे की डिमांड की जाती है. दलाल सक्रिय हैं और हर काम के रेट तय हैं. मुख्यमंत्री तक भी इसकी शिकायत पहुंची है. आरोप है कि जमीन की रिपोर्ट लेनी हो, म्यूटेशन कराना हो, आवासीय प्रमाण पत्र बनवाना हो, जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना हो, हर काम के लिए अधिकांश अंचल कार्यालयों में रेट तय है. बिना घूस दिये अंचल कार्यालयों में काम कराना मुश्किल हो गया है. उल्लेखनीय है कि झारखंड में ईडी ने जमीन के जिन मामलों को पकड़ा है, उनमें सीओ और अंचल कार्यालयों की भूमिका संदिग्ध रहा है. कई सीओ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है. गिरफ्तारी व पूछताछ भी हुई है. सीओ के स्तर से जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के भी आरोप हैं.
Leave a Comment