Ranchi : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झामुमो के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार किया है. प्रतुल ने कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार ने पैदा की थी. देश के इतिहास में पहली बार शर्मशार करने वाली घटना घटित हुई, जब एक चुना हुआ मुख्यमंत्री कानून के डर से 40 घंटे तक फरार रहा. इस दौरान वह अपने राज्य के किसी भी अधिकारी से भी संपर्क में नहीं था. यानी साढ़े तीन करोड़ जनता को उनके भाग्य के भरोसे छोड़ दिया गया था. प्रतुल ने कहा कि झारखंड में तो सिर्फ ``भागम भाग`` का खेल चल रहा है. पहले ``भाग हेमंत भाग`` हुआ. उसके बाद `` भाग विधायक भाग`` हुआ. कहा कि राज्यपाल ने विधि सम्मत निर्णय लिया. राजभवन ने चंपई सोरेन के सरकार बनाने के दावे पेश करने के बाद असामान्य परिस्थितियों के बीच विचार-विमर्श और कानून के मुताबिक निर्णय लिया. अब इसपर भी झामुमो को आपत्ति है.
ने चिन्हित किए कई ऐसे भूखंड जिसपर हुआ बलपूर्वक कब्जा, बैक डेट से डीड बनाकर होता था जमीन की नेचर बदलने का धंधा [wpse_comments_template]
यह रिश्ता क्या कहलाता है
प्रतुल ने झामुमो और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से बीएमडब्ल्यू की रिकवरी पर अभी तक दोनों दल रहस्यमय तरीके से खामोश हैं. प्रतुल ने जानना चाहा कि धीरज साहू और हेमंत सोरेन के बीच का रिश्ता आखिर क्या कहलाता है. प्रतुल ने जानना चाहा कि क्या इतनी घनिष्ठता थी कि धीरज साहू अपनी गाड़ी हेमंत के गैरेज में रख रहे थे और हेमंत सोरेन अपना पैसा धीरज साहू के घर रख रहे थे. प्रतुल ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जो 350 करोड़ रुपए की रिकवरी धीरज साहू के घर में हुई थी, उसमें हेमंत सोरेन का कितना हिस्सा था. इसे भी पढ़ें : ED">https://lagatar.in/ed-has-identified-many-such-plots-which-were-forcibly-occupied-business-changing-nature-land-was-done-by-making-deeds-with-back-date/">EDने चिन्हित किए कई ऐसे भूखंड जिसपर हुआ बलपूर्वक कब्जा, बैक डेट से डीड बनाकर होता था जमीन की नेचर बदलने का धंधा [wpse_comments_template]
Leave a Comment