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हेमंत सोरेन का भावुक पोस्ट, लिखा- नेमरा की क्रांतिकारी भूमि दादाजी और बाबा के अथाह संघर्ष की है गवाह

Ranchi :  झारखंड आंदोलन के पुरोधा और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है. लेकिन गुरु जी का जाना सबसे ज्यादा उनके बेटे हेमंत सोरेन को खल रहा है. झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने एक बार फिर अपने पिता दिशोम गुरु को याद कर भावुक पोस्ट साझा किया है. 

 

क्रांति की हर गूंज को नेमरा की वादियों ने संजोकर रखा है

आज सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर हेमंत सोरेन ने एक्स पर एक नई पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपनी एक तस्वीर के साथ नेमरा की धरती को नमन किया. उन्होंने लिखा कि नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की गवाह है. 

 

यहां के जंगलों, नालों-नदियों और पहाड़ों ने क्रांति की उस हर गूंज को सुना है और हर कदम व हर बलिदान को संजोकर रखा है. नेमरा की इस क्रांतिकारी भूमि को शत-शत नमन करता हूं.

 

सीएम ने पोस्ट के अंत में वीर शहीद सोना सोबरन मांझी अमर रहें और झारखंड राज्य निर्माता वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें लिखा है.

 

राज्य निर्माता को खोने का सभी को गहरा दर्द

दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने आदिवासी अधिकारों और झारखंड राज्य निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया है. नेमरा गांव से उन्होंने अपनी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा की शुरुआत की थी. शिबू सोरेन का जाना न सिर्फ एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि एक युग का अंत भी है. उनके निधन के बाद झारखंड सहित देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है. कई सामाजिक और राजनीतिक संगठन शोक सभा का आयोजन कर बाबा को याद कर रहे हैं.   

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