वीर शहीद सिदो-कान्हो की जयंती पर डीसी-एसपी ने दी श्रद्धांजलि
लोबिन के काट के रूप में भी देखा जा रहा है हेमलाल को
हेमलाल मुर्मू 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे. जब वह भाजपा में थे तो बरहेट से भाजपा ने उन्हें लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ाया था. लेकिन सफलता नहीं मिली. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बरहेट से टिकट नहीं दिया. इसके बाद वे भाजपा से दूर-दूर रहने लगे थे. फरवरी में झामुमो के स्थापना दिवस पर ही झामुमो की सदस्यता ग्रहण करने की बात चल रही थी, लेकिन किसी कारणवश स्थगित हो गई. हेमलाल मुर्मू की वापसी लोबिन हेंब्रम की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. इसे भी पढ़ें- हेमंत">https://lagatar.in/hemant-cabinet-meeting-on-17th-april/">हेमंतकैबिनेट की बैठक 17 को अब जबकि हेमलाल मुर्मू की वापसी हो गई है तो झामुमो की तरफ से लोबिन हेंब्रम को साफ संदेश दिया जा सकता है कि अगर आपको झामुमो में ज्यादा परेशानी हो रही है तो आप भाजपा की तरफ रूख कर सकते हैं. अब संथाल में हेमलाल मुर्मू जैसे नेता की वापसी हो गई है जो आपकी जगह भरेगा. लोबिन हेंब्रम लगातार सरकार और खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए हैं. आए दिन सदन के अंदर और बाहर सरकार के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं. [wpse_comments_template]

Leave a Comment