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धनबाद के टुंडी में 35 हाथियों के झुंड ने स्कूल और ग्रामीण का घर ढहाया, अनाज भी चट कर गये, दहशत

हाथियों के इस उत्पात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रातजगा करने को विवश हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव में दाखिल होते ही हाथियों के झुंड ने सबसे पहले रंगामाटिया स्कूल को अपना निशाना बनाया. यही नहीं हाथियों ने स्कूल के भवन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां मध्याह्न भोजन (MDM) के लिए रखा भारी मात्रा में अनाज चट कर गये.
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Dhanbad : धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला है. शनिवार देर रात करीब 35 जंगली हाथियों का एक झुंड जाताखुटी पंचायत के दालुगोड़ा गांव में घुस आया और जमकर तबाही मचाई.

 

हाथियों के इस उत्पात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रातजगा करने को विवश हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव में दाखिल होते ही हाथियों के झुंड ने सबसे पहले रंगामाटिया स्कूल को अपना निशाना बनाया.

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यही नहीं हाथियों ने स्कूल के भवन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां मध्याह्न भोजन (MDM) के लिए रखा भारी मात्रा में अनाज चट कर गये.स्कूल में तबाही मचाने के बाद हाथियों ने गांव के ही रामलाल मुर्मू के घर को भी ढहा दिया.

 

जिस वक्त यह हादसा हुआ परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे. अचानक घर टूटने और हाथियों की चिंघाड़ सुनकर पूरा परिवार सहम गया.जान बचाने के लिए महिलाएं अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर बदहवास हालत में घर से बाहर भागीं.

 

गनीमत रही कि सभी सदस्यों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली,  वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी. पीड़ित रामलाल मुर्मू और उनकी पत्नी चंदौली मुर्मू पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है .उन्होंने बताया कि इसी साल जनवरी महीने में भी हाथियों ने उनका घर तोड़ दिया 

 

पीड़ित परिवार अभी उस नुकसान से उबर कर अपने आशियाने को संभाल ही पाया था कि चार महीने के भीतर हाथियों ने दोबारा उनका घर उजाड़ दिया. हाथी उनके घर में रखा लगभग 10-12 मन धान और 4-5 मन चावल भी खा गए जिससे परिवार अब  दाने-दाने का मोहताज हो गया है.

 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय मशालची मौके पर पहुंचे. मशालचियों ने जलती हुई मशालों और पारंपरिक तरीकों की मदद से काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को गांव से खदेड़ा.

 

हालांकि हाथी अभी भी पास के जंगलों में डटे हुए हैं जिसके कारण दालुगोड़ा और आसपास के गांवों में भारी दहशत है. ग्रामीण हाथियों के दोबारा हमले के डर से रात भर जागकर पहरा देने को विवश हैं.  पीड़ितों ने वन विभाग से तत्काल मुआवजे और सुरक्षा की गुहार लगाई है.

 


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