Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एनर्जी वॉच डॉग की जनहित याचिका पर सुनवाई की. मामले में मेसर्स अमलगम स्टील्स एंड पावर लिमिटेड और मेसर्स अमलगम स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बिजली उत्पादन और बिक्री में इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन कर राज्य सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप है.
मामले में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए जेबीवीएनएल, दोनों कंपनियों और याचिकाकर्ता की संयुक्त बैठक कर वास्तविक राजस्व घाटे का आकलन करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की है.
याचिकाकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि दोनों कंपनियां नियमों की अनदेखी कर आपस में बिजली का लेन-देन कर रही हैं, जिससे सरकार को भारी वित्तीय क्षति हुई है. जेबीवीएनएल ने शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है और अब तक की जांच में लगभग 284 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपुल पोद्दार ने तर्क दिया कि दोनों कंपनिया सिस्टर कसर्न है और नियमों का उल्लघन कर अवैध तरीके से बिजली की बिक्री कर रही है. जिससे राज्य को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
