- PESA के क्रियान्वयन को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और यह मुद्दा भविष्य के लिए खुला है
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिकाओं के गठन और PESA कानून के क्रियान्वयन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है.
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिकाओं के गठन का मुद्दा पहले ही न्यायालय द्वारा तय किया जा चुका है. इसलिए इस मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दी.
कोर्ट ने यह भी कहा कि PESA के क्रियान्वयन को लेकर उसने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और यह मुद्दा भविष्य के लिए खुला रखा गया है. यह जनहित याचिका रॉबर्ट प्रभात मिंज द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिकाओं को असंवैधानिक घोषित करने और उन्हें भंग करने की मांग की थी.
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि PESA के प्रावधानों का झारखंड में सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में संशोधन के लिए सीधे आदेश (रिट ऑफ मैंडमस) जारी नहीं किया जा सकता.
हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह PESA कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के मुद्दे पर नई याचिका दायर कर सकता है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नई याचिका में नगरपालिकाओं को भंग करने की मांग दोबारा नहीं उठाई जा सकेगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Leave a Comment