- निगम में मेयर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने का मामला
Ranchi : गिरिडीह नगर निगम में मेयर के पद को अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित करने के आदेश को चुनौती देने वाली मो नसीम की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. यह सुनवाई चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई.
इस दौरान कोर्ट ने कहा कि नगर निगम के वर्गीकरण को चुनौती देने वाले अन्य मामलों के आदेश इस याचिका के मार्गदर्शन के लिए सहायक होंगे. उल्लेखनीय है कि संबंधित याचिका की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी है और आदेश सुरक्षित रखा गया है.
याचिकाकर्ता ने यह दावा किया है कि गिरिडीह नगर निगम में मेयर का पद SC के लिए आरक्षित करना अनुचित है, क्योंकि यहां करीब 65% से अधिक आबादी ओबीसी वर्ग की है. उनका कहना है कि मेयर का पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए.
याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि पिछले चुनाव में भी गिरिडीह में मेयर पद SC के लिए आरक्षित किया गया था. जबकि धनबाद नगर निगम में SC की आबादी सबसे ज्यादा है, इसलिए वहां मेयर पद SC वर्ग के लिए रिजर्व होना चाहिए था. उन्होंने मांग की है कि गिरिडीह में मेयर पद का SC आरक्षण निरस्त किया जाए.

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