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हाइकोर्ट ने लगायी बाबूलाल के मामले पर रोक, स्पीकर ने कहा – होगी सुनवाई

 
Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट से बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट ने बाबूलाल के खिलाफ स्पीकर की ओर से चलायी जा रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है. इससे पहले बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाने के लिए गुरूवार की तारीख तय की थी. उम्मीद है कि हाइकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ विधानसभा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. इस बीच स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि हाइकोर्ट के उन्हें फैसले की जानकारी नहीं और इस मामले की सुनवाई होगी. विधानसभा के न्यायाधिकरण में दसवीं अनुसूची पर चल रही सुनवाई गुरूवार को 12 बजे का वक्त पहले से ही तय था. लगातार">https://lagatar.in/">लगातार

न्यूज नेटवर्क
से बात करते हुए विधानसभा स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. साथ ही कहा कि विधानसभा न्यायाधिकरण में जो पहले से तय था , वो होगा. फैसले की जानकारी मिलने के बाद मामले पर विचार-विमर्श किया जायेगा. इसे भी पढ़ें -Lagatar">https://lagatar.in/lagatar-impact-kanke-co-will-be-suspended-file-with-cm-ci-and-lighter-employee-too/10318/">Lagatar

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बुधवार को हुई थी इससे पहले सुनवाई

यहां बता दें कि इससे पहले बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और बिरंची नारायण द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. हालांकि बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली गयी. राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन के मुताबिक अब इस मामले में हाईकोर्ट गुरुवार को अपना फैसला सुनायेगा. सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने इलेक्शन कमीशन और विधानसभा की ओर से भी हाइकोर्ट में पक्ष रखते हुए दल-बदल कानून पर दलीलें पेश की गयीं. साथ ही बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान विधानसभा की तरफ से महाधिवक्ता राजीव रंजन इलेक्शन कमीशन की ओर से आकाशदीप कुमार,बीजेपी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकट रमन और बाबूलाल मरांडी की तरफ से अधिवक्ता आरएन सहाय ने अपना-अपना पक्ष रखा. बाबूलाल मरांडी के अधिवक्ता के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दल बदल पर लिये गये संज्ञान को गलत बताते हुए संज्ञान निरस्त करने के पक्ष में दलीलें दी गयी. जिसपर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया की दल बदल के इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा लिया गया संज्ञान संवैधानिक है और आर्टिकल 226 के तहत जब तक विधानसभा के न्यायाधिकरण में यह मामला लंबित है अदालत को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. इस महत्वपूर्ण याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ में लगभग 3 घंटे से ज्यादा देर तक सुनवाई चली थी. इस दौरान सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाने के लिए तारीख तय की थी. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा दायर मूल याचिका में झारखंड विधानसभा के स्पीकर द्वारा उनके दल-बदल के मामले में लिये गये संज्ञान के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. इसे भी पढ़ें -कांके">https://lagatar.in/acb-registers-pe-in-scholarship-scam-and-embezzlement-of-government-money/10443/">कांके

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