मिश्रा v/s ED डिप्टी डायरेक्ट: पंकज के वकील ने कहा – ED ने तथ्य छुपाए, बोली ED – याचिका मेंटेनेबल नहीं
इन लोगों ने दायर की थी याचिका
बता दें कि इस संबंध में अजीमुल हक अंसारी समेत छह लोगों ने याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया था कि सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा झारखंड को स्थानांतरित की गयी थी. कहा गया था कि यदि कर्मचारी सभी मापदंडों को पूरा करेंगे, तो इनकी सेवा नियमित की जाएगी. प्रार्थियों का कहना है कि झारखंड में दैनिक वेतन भोगी के रूप में इनकी सेवा वर्ष 2012 में ली गयी थी. करीब 20 साल तक काम करने के बाद इन्होंने सेवा नियमित करने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन यह कहते हुए इनकी सेवा नियमित नहीं की गयी कि उन्होंने रिक्त और स्वीकृत पद के खिलाफ दस साल तक सेवा पूरी नहीं की है. इसके बाद प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. सुनवाई के बाद अदालत ने आठ सप्ताह में सेवा नियमित करने का निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें - BIG">https://lagatar.in/goddaviolent-clash-between-police-and-villagers-in-taljhari-sdpo-injured-attacked-with-bow-and-arrow-police-fired-in-the-air/">BIGNEWS : गोड्डा के तालझारी में पुलिस और ग्रामीणों में हिंसक झड़प, SDPO घायल,तीर-धनुष से हमला, पुलिस ने की हवाई फायरिंग [wpse_comments_template]

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