Ranchi : पूर्वोत्तर राज्यों में चिटफंड के नाम पर भारी रिटर्न का झांसा देकर हजारों निवेशकों से ठगी करने के आरोपी प्रयाग ग्रुप के मालिक वासुदेव बागची की जमानत याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
बता दें कि वासुदेव बागची पर पूर्वोत्तर राज्यों में चिटफंड के माध्यम से निवेशकों से 2800 करोड़ ठगने करने का आरोप है. आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को हाई रिटर्न का लालच देकर 2800 करोड़ जमा कराए. लेकिन निवेशकों को सिर्फ 700 करोड़ ही लौटाए. वासुदेव बागची 29 नवंबर 2024 से कोलकाता जेल में बंद है.

