Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU), रांची में वर्ष 2019 और 2023 के विज्ञापन के तहत निकाली गई चतुर्थ वर्गीय (Grade-IV) बहाली से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है. यह सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई.
याचिकाकर्ता ईशा कच्छप बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य से संबंधित इस रिट याचिका में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अफसर रजा, जफर हुसैन और अमित चौबे ने पक्ष रखा.
अदालत में बहस के दौरान अधिवक्ताओं ने दलील दी कि वर्ष 2019 की बहाली प्रक्रिया में सभी चरण और औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं, इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया. वहीं वर्ष 2023 के विज्ञापन के तहत आवेदन पत्र भरे जाने के बाद से प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है.
अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी परिणाम जारी न करना और नई प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डालना अभ्यर्थियों की वैध अपेक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ है.
विश्वविद्यालय के वकील के द्वारा कहा गया कि किसी भी प्रकार की बहाली का अधिकार विश्विद्यालय के पास नहीं है इस पर प्रार्थी के अधिवक्ता अफ़सर रज़ा ने कोर्ट को बताया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा/बिंदु 20 के तहत विश्वविद्यालय को 1900 ग्रेड पे तक के पदों पर खुद बहाली करने का स्पष्ट अधिकार प्राप्त है.
जबकि उक्त दोनों बहली 1800 के ग्रेड पे है और अगर बहाली का अधिकार नही था तो तो पहले वर्ष 2019 और फिर 2023 मे किस अधिकार कि तहत विज्ञापन निकला गया. अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
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