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झारखंड की जेलों में रिक्त पदों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, 6 महीने में भरने का निर्देश

Ranchi: हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में रिक्त पदों को अबतक नहीं भरे जाने पर राज्य सरकार और झारखंड स्टाफ सलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) पर कड़ी नाराज़गी जताई है. जेलों में रिक्त पदों को 6 महीने में भरने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मामले में गृह सचिव और जेएसएससी सचिव को रिक्त पदों को भरने को लेकर 1 मई तक शपथ पत्र के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
 
  • गृह सचिव और जेएसएससी सचिव 1 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दें
  • 7 मई को इन दोनों के स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करेगी कोर्ट
  • संतोषजनक जवाब नहीं आया तो अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है

Ranchi: हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में रिक्त पदों को अबतक नहीं भरे जाने पर राज्य सरकार और झारखंड स्टाफ सलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) पर कड़ी नाराज़गी जताई है. जेलों में रिक्त पदों को 6 महीने में भरने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मामले में गृह सचिव और जेएसएससी सचिव को रिक्त पदों को भरने को लेकर 1 मई तक शपथ पत्र के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. अगर गृह सचिव और  जेएसएससी सचिव का स्टेटस रिपोर्ट संतोषजनक पाया नहीं जाता है तो 7 मई को कोर्ट इनके मामले में अवमानना की कार्रवाई पर भी विचार कर सकती है. अगली सुनवाई 7 मई को होगी. 

 

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मौखिक कहा कि सरकार और जेएसएससी की ओर से राज्य के जिलों के रिक्त पदों को भरने के संबंध में वास्तविक जानकारी कोर्ट को नहीं दी जा रही है, केवल रिक्त पदों को भरने के नाम पर समय लिया जाता है. आश्वासन देकर जेल में नियुक्ति प्रक्रिया को टालने का प्रयास किया जा रहा है, जो अनुचित है. 


खंडपीठ ने गृह सचिव और जेएसएससी सचिव को स्पष्ट हिदायत दी है कि मामले में शपथ पत्र के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें, अपने कनीय अधिकारियों की ओर से शपथ पत्र दाखिल ना कराए अन्यथा कोर्ट उनपर कार्रवाई कर सकती है.

 

मंगलवार को राज्य में जेलों की व्यवस्था में सुधार व मॉडल जेल मैनुअल को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई हुई. मामले में राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जेल में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है. इसके तहत जेएसएससी की ओर से असिस्टेंट जेलर, जेल वार्डन, मेडिकल नर्सिंग स्टाफ आदि कई पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है. जेल में पड़े कुछ अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना मांगी गई है. सुनवाई के दौरान खंडपीठ को बताया गया था कि राज्य की जेलों में 81 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं. दरअसल  जेल सुधार व मॉडल जेल मैनुअल के मामले में हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था.


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