- ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर हैं बीरेंद्र राम
ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर को सशरीर तलब किया था
बता दें कि सेवानिवृत्ति को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में पिछले सोमवार को भी सुनवाई हुई थी. जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके उमेश प्रसाद सिंह 2016 से सेवानिवृत्ति के लाभ से वंचित हैं. इसको लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एसएन पाठक की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताया था और कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अदालत में दलील रखने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर को सशरीर तलब किया था. वहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियंता को कहा कि एसी में बैठने वाले अधिकारी छोटे अधिकारियों को तरजीह नहीं देते हैं. इधर, अदालत ने मुख्य सचिव को जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये. वहीं 16 जून तक लंबित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था. जिसके बाद प्रार्थी को पंद्रह लाख रुपए का भुगतान किया का चुका है. इसे भी पढ़ें – Lagatar">https://lagatar.in/lagatar-follow-up-jmm-said-gangotri-did-not-mention-the-registered-case-in-the-election-affidavit-ec-should-take-cognizance/">LagatarFollow up : JMM ने कहा, गंगोत्री ने दर्ज केस को चुनावी हलफनामे में नहीं बताया, संज्ञान ले EC [wpse_comments_template]

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