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हिमांशु सिंह हत्याकांड: ढाई दिन का गतिरोध, फिर लिखित आश्वासन मिलते अंतिम संस्कार को राजी हुए परिजन

Jamshedpur: बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए हमले में घायल हिमांशु सिंह की मौत के बाद पिछले ढाई  दिनों से जारी गतिरोध बुधवार को समाप्त हो गया. सरकार और जिला प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी. इसके बाद परिवार के सदस्य शव लेने के लिए रवाना हुए. हिमांशु का पार्थिव शरीर पहले आदित्यपुर स्थित उनके आवास लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

 

बुधवार सुबह से ही आदित्यपुर स्थित आवास पर प्रशासनिक अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. कई बार माहौल तनावपूर्ण भी हुआ, लेकिन लगातार वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई. बातचीत में कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अर्नव मिश्रा, जमशेदपुर के सिटी एसपी ललित मोहन मीणा, ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल सहित दोनों जिलों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.

 

परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले चार प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी थीं. उन्होंने सभी नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने और पूरे मामले का स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की थी.

 

प्रशासन ने परिजनों को लिखित रूप से भरोसा दिया कि घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और उनके विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. साथ ही हिमांशु सिंह की पत्नी को सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी. प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

 

बैठक के दौरान अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं सात से आठ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा.

 

परिजनों ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने, पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और मृतक की पत्नी के भविष्य को सुरक्षित करने की थी. प्रशासन ने इन सभी मांगों पर सरकार को अनुशंसा भेजने और नियमानुसार कार्रवाई करने का लिखित भरोसा दिया है. इसी आश्वासन के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया.

 

ढाई दिनों तक चले इस पूरे घटनाक्रम के समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. लोगों को उम्मीद है कि लिखित आश्वासनों पर जल्द अमल होगा, फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी और मामले में दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. 

 

 

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