- पहले भी चार दिनों तक सरकारी कार्यालयों पर टाना भगतों का रहा था कब्जा
- उस वक्त धारा 107 लागू करना तक प्रशासन ने जरूरी नहीं समझा
जांच में खुलासा : अमित अग्रवाल की कंपनियों के जरिये हुई अवैध खनन से कमाये 1000 करोड़ के बड़े हिस्से की लॉन्ड्रिंग आंदोलनकारियों ने जिले के वरीय अधिकारियों को यहां तक कह डाला कि किसके आदेश से कोर्ट कचहरी यहां काम कर रही है, जबकि पांचवीं अनुसूची के तहत इस क्षेत्र में उनका शासन प्रशासन है. वे अपनी असंवैधानिक मांग पर कायम रहे. पिछले सप्ताह से टाना भगतों का दल जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होकर बैठकें कर रहा था. गुमला एवं लोहरदगा से आये इनके प्रतिनिधियों ने इस आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार की थी. फिर भी जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिले में इंटेलिजेंस के पीछे भारी खर्च किया जा रहा है, लेकिन इस मामले में इंटेलिजेंस फेल साबित हुआ है. व्यवहार न्यायालय में घटित घटना से लातेहारवासी दहशत में हैं. इसे भी पढ़ें : कोर्ट">https://lagatar.in/failure-of-ruckus-intelligence-in-court-high-court/">कोर्ट
में बवाल इंटेलिजेंस का फेल्योर : हाईकोर्ट [wpse_comments_template]

Leave a Comment