Ranchi: आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए संभावित जल संकट से निपटने के लिए निगम की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस क्रम में गुरुवार को प्रशासक अमीत कुमार की अध्यक्षता में जलापूर्ति योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठक निगम कार्यालय में की गई. जिसमें उप प्रशासक मो. अनवर हुसैन, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, जुडको के प्रतिनिधि, पीएचईडी के प्रतिनिधि इत्यादि सम्मिलित हुए. बैठक में प्रशासक ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व समर एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें जलापूर्ति कार्य से संबंधित सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य करने एवं जल संकट से बचने हेतु बेहतर समाधान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. बैठक में आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित जल संकट के लिए हो रही तैयारी, समस्याएं तथा उसके समाधान के ऊपर चर्चा की गई.
वाटर बॉटलिंग प्लांट के एनओसी की जांच होगी
प्रशासक ने निगम के मोबाइल टैंकरों में पेयजल भरने के लिए निगम क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग जल स्रोतों के स्थान की पहचान करने का निर्देश दिया गया, जिससे कम समय में आमजनों को पेयजल की आपूर्ति की जा सके. प्रशासक ने पूर्व की भांति उन मोहल्लों को चिह्नित करने का निर्देश दिया, जो ड्राई जोन की श्रेणी में आते हैं, ताकि मोबाईल टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति के रोस्टर में इन्हें प्राथमिकता दी जा सके. प्रशासक द्वारा सहायक प्रशासक की अध्यक्षता में वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग कमेटी (डब्ल्यूएसएमसी) का गठन करने का निर्देश दिया, जिसमें पेयजल विभाग के अभियंता, रांची नगर निगम के जलापूर्ति शाखा के अभियंता, नगर प्रबंधक, इंफोर्समेंट टीम के कर्मी तथा संबंधित वार्ड सुपरवाईजर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे. डब्ल्यूएसएमसी द्वारा मोबाइल टैंकर से जलापूर्ति हेतु रोस्टर तैयार किया जाएगा. अवैध रूप से लिये गये जल संयोजन के उपभोक्ताओं को चिह्नित करते हुए उन पर शास्ति राशि अधिरोपित की जाएगी तथा उनके जल संयोजन रेगुलराइज करने का भी कार्य करेगी. इसके अलावा डब्ल्यूएसएमसी द्वारा निगम क्षेत्रांतर्गत संचालित सभी वाटर बॉटलिंग प्लांट के एनओसी की जांच की जाएगी. एनओसी की अनुपलब्धता पर वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालकों पर शास्ति राशि अधिरोपित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. क्षेत्र में कार्यरत निगम की विभिन्न इकाइयों यथा एजेंसी, एएचजी इत्यादि के द्वारा प्रत्येक वार्ड में ``जल ही जीवन है`` की थीम पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें लोगों को जल संचयन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा पानी बचाने के विभिन्न उपायों के बारे में भी बताया जाएगा. जलाशयों की सफाई में तीव्रता लाने का निर्देश
बैठक में शहरी क्षेत्र के अंतर्गत सभी जलाशयों में जलकुंभी की सफाई तथा गाद निकालने के कार्य में तीव्रता लाने का भी निर्देश दिया गया. आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि जिस भी क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं मिल रहा है, उसका क्षेत्र भ्रमण करते हुए जलापूर्ति बहाल कराना सुनिश्चित किया जाए तथा ग्रीष्म ऋतु में सभी क्षेत्रों में जल की आपूर्ति तय समय में करना सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी नॉन मीटर उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द मीटर में परिवर्तित करते हुए वार्डवार सूची निगम को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया. प्रशासक ने रांची के सभी नागरिकों से अपील की कि जल की बर्बादी से बचे तथा अपने एवं अपने परिवारों को पानी के बचत के प्रति जागरूक करें. उन्होंने यह भी कहा कि रांची शहर के भूजल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, इसे सहजने की आवश्यकता है. [wpse_comments_template]
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