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कैसे शिक्षित होंगे नौनिहाल, जब शिक्षक पढ़ाते ही नहीं, रहते हैं लेटलतीफ

Ashish Tagore Latehar: झारखंड के उग्रवाद प्रभावित जिलों में जागरूकता कार्यक्रम के बावजूद नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं है. शिक्षा के क्षेत्र में तो हाल बुरा ही है. लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड के हेसला गांव का भी कुछ ऐसा ही है. हेसला में उत्क्रमित मध्य विद्यालय तो है. लेकिन बच्चे नदारद रहते हैं. यहां ये बताते चलें कि चंदवा का हेसला गांव उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है. गांव चर्चा में 2 मई को  वृद्ध दंपत्ति की डायन बिसाही आरोप में हत्या को लेकर भी चर्चा में है. जिससे ग्रामीण के मन में बच्चों के साथ किसी अनहोनी ना हो जाए, इसका डर लगा रहता है. लेकिन बच्चों के विद्यालय ना आने की सबसे बड़ी वजह वहां पढ़ाई ना होना है. शिक्षक भी अपनी मनमानी में लगे रहते हैं. इसे भी पढ़ें - यूपी">https://lagatar.in/up-stf-killed-gangster-anil-dujana-in-encounter/">यूपी

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शिक्षक पढ़ाते ही नहीं हैं - ग्रामीण

विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या तो 162 है. लेकिन गुरूवार को विद्यालय में मात्र 25 छात्र ही अपस्थित थे. ये हाल एक दिन का नहीं है. अक्सर विद्यालय में छात्रों की उपस्थिती ऐसी ही रहती है. विद्यालय में प्रधानाध्यापिका प्रतिमा कुमारी व प्रभा एक्का दो सरकारी शिक्षक हैं. इसके अलावा एक सहायक अध्यापिका अनुराधा कुमारी हैं. ग्रामीणों की मानें तो विद्यालय में जरा भी शैक्षणिक माहौल नहीं है. शिक्षक एक तो लेट आते हैं और सही से पढ़ाते भी नहीं हैं. शिक्षकों के कक्षा में नहीं जाने से बच्चे भी शोर गुल करते रहते हैं.

विद्यालय में अब भी राष्ट्रपति का नाम रामनाथ कोविंद लिखा है

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alt="" width="600" height="400" /> विद्यालय के शैक्षणिक वातारवण का अंदाजा इसी बात से पता चल जाता है कि आज भी विद्यालय की दीवार पर देश के राष्ट्रपति का नाम रामनाथ कोविंद, झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अंकित है. यह भी सही है कि ग्रामीण भी शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल नहीं भेजते हैं. हालांकि कई अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई होती ही नहीं है, ऐसे में वे अपने बच्चो को स्कूल भेज कर क्या करेंगे. पूछे जाने पर शिक्षक कहते हैं कि उग्रवाद प्रभावित इलाका है, अभिभावकों पर अधिक दवाब नहीं दे सकते हैं. विद्यालयों में छात्रों की कम उपिस्थति के संबंध में पूछे जाने पर अधिकारी जांच की बात करते तो हैं पर नतीजा शिफर ही है. इसे भी पढ़ें -लातेहार:">https://lagatar.in/latehar-aryan-gupta-a-student-of-netarhat-school-brought-laurels-to-jharkhand/">लातेहार:

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