बड़कागांव और केरेडारी में सबसे अधिक ग्रामीण विस्थापित : मेहता
पूर्व सांसद ने कहा कि हजारीबाग में विस्थापन सबसे बड़ी समस्या है. बड़कागांव और केरेडारी में सबसे अधिक ग्रामीण विस्थापित हुए हैं. सबसे अधिक उपजाऊ जमीन इन्हीं इलाकों में अधिकृत किया गया है. यह जमीन खेतिहर है. सिर्फ हजारीबाग ही नहीं, बल्कि बंगाल-बिहार तक यहां की फसलें पहुंचा करती थीं. इन इलाकों में 26 कोल ब्लॉक अलॉट किए गए हैं. झारखंड सरकार भी भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना नहीं चाहती है. इसे देखते हुए अब सीपीआई बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गई है.अडानी कोल ब्लॉक पर साधा निशाना
पूर्व सांसद ने अडानी पर निशाना साधते हुए कहा कि ग्रामीण उन्हें जमीन देना नहीं चाहते हैं. 12 अप्रैल से ही धरने पर बैठे हैं. गोंदलपुरा में जब तक अडानी के कोल ब्लॉक रद्द नहीं किए जाएंगे, तब तक ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहेगा. सरकार को संज्ञान लेने की आवश्यकता है. प्रशासन को कंपनी का नहीं किसानों का पक्ष लेना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू, विपिन कुमार सिन्हा, सीपीआई के कार्यालय सचिव निजाम अंसारी, डॉक्टर अनवर हुसैन, पूर्व मुखिया महेंद्र राम आदि उपस्थित थे. (झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-news/">(झारखंडकी खबरों के लिए यहां क्लिक करें)
डीएवी स्कूल बरही में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
alt="" width="1280" height="728" /> डीएवी पब्लिक स्कूल बरही में कक्षा छह से अष्टम तक भारतीय पारंपरिक चित्रकला और नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के बीच धरती और पर्यावरण पर आधारित निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. चित्रांकण प्रतियोगिता ललन यादव की देखरेख में संपन्न हुई. इसका मूल्यांकन बतौर निर्णायक संध्या सिंह और नीरू कुमारी ने किया. यह जानकारी देते हुए शिक्षक डीके सिंह ने बताया कि दयानंद हाउस के प्रियम राज व सिद्धि कुमारी प्रथम स्थान, हंसराज हाउस के प्रेरणा सिंह राजपूत और दयानंद हाउस के संकल्प विश्वकर्मा द्वितीय तथा दयानंद हाउस के शिवम कुमार व विवेकानंद हाउस के अश्विनी वशिष्ठ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं निबंध प्रतियोगिता में इशिका स्पर्धा एनडी ग्रोवर हाउस ने प्रथम, दीपलक्ष्मी कुमारी हंसराज हाउस द्वितीय तथा स्वाति दिव्य ज्योति विवेकानंद हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. यह प्रतियोगिता अमित कुमार की निगरानी में हुई, जिसमें सुनील कुमार केसरी और आलोक सिंह निर्णायक थे. सफल प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सतत मूल्यांकन अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है. इसके बेहतर परिणाम मिलते हैं. उन्होंने बताया कि डीएवी का यह सदैव प्रयास रहा है कि वह बच्चों के अंदर किताबी शिक्षा के अलावा व्यावहारिक शिक्षा और खेलकूद पर भी विशेष बल दिया जाए ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके. इसे भी पढ़ें : सेना">https://lagatar.in/the-bullet-came-out-tearing-the-skull-of-the-army-man-the-operation-lasted-for-five-hours/">सेना
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