के डोरंडा में पीडीएस दुकानदारों की बैठक, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने का निर्णय
आयोग से दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की गई
आयोग में शिकायतकर्ता मंटू सोनी की शिकायत में कहा गया था कि एनटीपीसी(त्रिवेणी-सैनिक माईनिंग प्राइवेट लिमिटेड) से अनैतिक लाभ प्राप्त कर पुलिस अधिकारियों ने एनटीपीसी के विरोध को दबाने के लिए पद का दुरुपयोग किया. साथ ही षड्यंत्र रचकर फर्जी सबूत की इकट्ठा कर फर्जी मामला दर्ज किया था. जिसकी कांड संख्या 136/16 है. रांची की विशेष अदालत एडीजे सात विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव और गवाहों की अनुपस्थिती में लखेन्द्र ठाकुर,अवध किशोर यादव,मिथलेश दांगी, डीलेश्वर महतो,युगेश्वर महतो सहित अन्य सभी को रिहा कर दिया था. जिसे लेकर रामदयाल मुंडा,अनुसंधानकर्ता, सुपरविजन अधिकारी सहित एनटीपीसी के अधिकारियों पर आईपीसी की धारा 195 के तहत मामला दर्ज कर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई थी. शिकायत का अध्ययन कर आयोग के लीगल सेल ने मामला दर्ज कर लिया है.आरोपी पाए जाने के बाद भी विभागीय कार्रवाई ना कर दिया जा रहा है संरक्षण
बड़कागांव थाना कांड संख्या 136/16 से पूर्व कांड संख्या 135/16 में तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी कुमुद झा द्वारा थाना में दिए आवेदन को बदलकर, थानेदार रामदयाल मुंडा द्वारा अन्य लोगों का नाम जोड़ दिया गया. साथ ही एफआईआर करने और अकील अहमद द्वारा बिना उचित जांच व सबूत के चार्जशीट किया गया. जिसे लेकर हजारीबाग एसडीजीएम शिवानी शर्मा ने मामले में आरोपी इन लोगों को आरोपी पाया. पुलिस मुख्यालय को इसकी सूचना भी दी, फिर भी आरोपी पुलिसवालों पर विभागीय कार्रवाई नहीं की गयी. इसकी सूचना भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दी गई है. इसे भी पढ़ें - एक">https://lagatar.in/a-school-like-this-studies-till-8th-attendance-of-children-only-3-2-teachers-including-principal-deputed/">एकस्कूल ऐसा भी : 8वीं तक की होती है पढ़ाई, बच्चों की उपस्थिति मात्र 3, प्राचार्य समेत 2 शिक्षक प्रतिनियुक्त

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