Garhwa : राशन कटौती के विरोध में शनिवार को आदिम जनजाति समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रंका प्रखंड कार्यालय का घेराव किया. यह घटना तब हुई जब रंका प्रखंड कार्यालय सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा द्वारा विधिक जागरूकता शिविर में अधिकारी आम लोगों को क़ानूनी जानकारी दे रहे थे. घेराव में सैकड़ों की संख्या में आदिम जनजाति कोरवा, परहिया समुदाय के महिला पुरुष ने पूरे प्रखंड में राशन वितरण नहीं करने का आरोप सरकारी अधिकारियों पर लगाया है. जिसके कारण प्रखंड में घंटों अफरा-तफरी का महौल रहा. इसे भी पढ़ें-टाटा">https://lagatar.in/tata-steel-sports-department-organizes-fun-sports-for-the-students-of-masti-ki-pathshala/">टाटा
स्टील खेल विभाग ने मस्ती की पाठशाला के छात्रों के लिए फन स्पोर्ट्स का किया आयोजन
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alt="" width="600" height="400" /> रामप्रवेश कोरवा तथा रामनाथ कोरवा के नेतृत्व में प्रखंड के 15 गांवों की 600 महिलाओँ, पुरुषों ने आक्रोशपूर्ण रैली निकाली. इस दौरान उन लोगों ने सरकारी अधिकारियों पर डाकिया योजना में ब्यापक भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सितम्बर महीने का पूरा राशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. किसी भी आदिम जनजाति कार्डधारी को राशन नहीं दिया गया. वहीँ अक्टूबर माह का जो राशन वितरण किया गया है, उसमें सभी कार्डधारकों को मात्र 23 किलो राशन ही मिल पाया है. बताते चलें कि रंका प्रखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में आदिम जनजाति के 1322 कार्डधारक हैं. इसके हिसाब से राशन डीलर अर्थात एमओ रंका को प्रत्येक माह 462.70 क्विंटल खाद्यान्न का आवंटन होता है. जिसकी भारी पैमाने पर रंका प्रखंड में कालाबाजारी की जा रही है. इसे भी पढ़ें-राज्य">https://lagatar.in/state-government-is-not-concerned-about-public-interest-mayor-asha-lakra/">राज्य
सरकार को जनहित की कोई चिंता नहीं है- मेयर आशा लकड़ा
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डाकिया योजना में व्यापक भ्रष्टचार का आरोप
alt="" width="600" height="400" /> रामप्रवेश कोरवा तथा रामनाथ कोरवा के नेतृत्व में प्रखंड के 15 गांवों की 600 महिलाओँ, पुरुषों ने आक्रोशपूर्ण रैली निकाली. इस दौरान उन लोगों ने सरकारी अधिकारियों पर डाकिया योजना में ब्यापक भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सितम्बर महीने का पूरा राशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. किसी भी आदिम जनजाति कार्डधारी को राशन नहीं दिया गया. वहीँ अक्टूबर माह का जो राशन वितरण किया गया है, उसमें सभी कार्डधारकों को मात्र 23 किलो राशन ही मिल पाया है. बताते चलें कि रंका प्रखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में आदिम जनजाति के 1322 कार्डधारक हैं. इसके हिसाब से राशन डीलर अर्थात एमओ रंका को प्रत्येक माह 462.70 क्विंटल खाद्यान्न का आवंटन होता है. जिसकी भारी पैमाने पर रंका प्रखंड में कालाबाजारी की जा रही है. इसे भी पढ़ें-राज्य">https://lagatar.in/state-government-is-not-concerned-about-public-interest-mayor-asha-lakra/">राज्य
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