Chaibasa : कोल्हान विश्वविद्यालय के नाम पर लगभग 80 एकड़ जमीन की स्वीकृति मिलने के बाद बीते सोमवार को सीमांकन कराने गए पदाधिकारियों को ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया था. अब यह विरोध तेज होता दिख रहा है. बुधवार को लगभग सात गांव के सैकड़ों ग्रामीण पांड्राशाली ग्रामीण मुंडा सुखलाल पूरती के नेतृत्व में खूंटपानी सीओ कार्यालय पहुंचे. उन्होंने सीओ को मांग पत्र सौंपा. इस दौरान काफी देर तक विरोध प्रदर्शन भी किया गया. [caption id="attachment_161739" align="aligncenter" width="300"]
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alt="" width="300" height="187" /> प्रस्तावित जमीन पर विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण.[/caption]
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सीओ को ज्ञापन सौंपते पांड्राशाली ग्रामीण मुंडा सुखलाल पूरती.[/caption]
alt="" width="300" height="187" /> प्रस्तावित जमीन पर विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण.[/caption]
आदिवासियों का रोजगार भी, पूजा स्थल भी
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मांग की कि किसी भी हाल में कोल्हान विवि के नाम जमीन न की जाए. इस क्षेत्र में आदिवासियों का रोजगार भी है. ग्रामीणों ने कहा कि इस क्षेत्र में आदिवासियों की पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पूजा अर्चना होती है. यह मामला खूंटपानी प्रखंड के पांड्राशाली के बुरूईगुटू गांव का है. खूंटपानी अंचल अधिकारी रवि कुमार आनंद को मांग पत्र दिया गया. इस दौरान ग्रामीण मुंडा रवींद्र बानरा, जयसिंह समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. [caption id="attachment_161740" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="135" />
सीओ को ज्ञापन सौंपते पांड्राशाली ग्रामीण मुंडा सुखलाल पूरती.[/caption]
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