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पत्नी ने अंतिम कर्तव्य निभाने के लिए लांघी क्वारंटीन की दीवार, अकेले किया पति का अंतिम संस्कार

बेगूसराय सदर अस्पताल में छह दिन से पड़ा था कोरोना से मृत 28 वर्षीय विकास मंडल का शव

Begusarai: कोरोना लोगों को न जाने कैसे कैसे दिन दिखा रहा है. कई हृदय विदारक घटनाएं हो रही हैं. ताजा मामला बेगूसराय के सदर अस्पताल से है. यहां छह दिन से कोरोना संक्रमित मरीज का शव अस्पताल में ही पड़ा हुआ था. अंतिम संस्कार के लिए न तो ससुराल से कोई आया ना ही मायके से. ऐसे में पत्नी क्वारंटीन सेंटर से भाग निकली और पति के शव को लेकर अकेले ही श्मशान घाट पहुंच गई. वहां उसने पत्नी धर्म निभाते हुए अपने पति का अंतिम संस्कार किया.

क्या है मामला

मामला मुंगेर के रामनगर बडैचक पाटन गांव का है. एक सप्ताह पहले इस गांव के 28 वर्षीय विकास मंडल कोरोना संक्रमित हो गए. उनकी हालत बिगड़ी तो पत्नी ने बेगूसराय सदर अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया. अस्पताल में विकास मंडल की मौत 13 अप्रैल को ही हो गयी. अपने पति के साथ अकेली कंचन देवी को कुछ नहीं सूझ रहा था कि वह क्या करे.

ससुराल से लेकर मायके वालों ने फेर लिया मुंह

विकास मंडल की मौत के बाद उसके अपने परिजनों ने भी मुंह फेर लिया. कंचन देवी अपने ससुराल पाटन गांव में अंतिम संस्कार के लिए लोगों से मदद मांगने गयी, लेकिन कोई नहीं सामने आया. कंचन देवी की मां उसके ससुराल पहुंची. लेकिन दो महिलायें क्या करतीं. लिहाजा दोनों ने तय किया कि कंचन के मायके चल कर मदद मांगी जाये. कंचन देवी अपनी मां के साथ मायके पहुंची. उसका मायका समस्तीपुर के विभूतिपुर पतैलिया गांव में है. कंचन जब अपने मायके पहुंची तो गांव वालों ने शव जलाने में मदद करने के बजाय कंचन और उसकी मां को क्वारंटीन सेंटर में डाल दिया.

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