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मां, मैं कॉलेज नहीं जाऊंगी, सड़क पर लड़के छेड़ते हैं..

Ranchi: पीड़िता की मां के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर की है. उनका आरोप है कि जब भी वह थाने जाती थीं, उन्हें थाना प्रभारी (बड़ा बाबू) से मिलने नहीं दिया जाता था और न ही अपनी शिकायत रखने का उचित अवसर मिल पाता था. लिखित आवेदन देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
 
पीड़ित परिवार

Ranchi :   मां, मैं कॉलेज नहीं जाऊंगी, सड़क पर लड़के छेड़खानी करते हैं. विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. बेटी की यह पीड़ा सुन एक मां मुश्किल में पड़ जाती है. क्या करूं, क्या नहीं इसी सोच में पड़ जाती है. थाने में दरख्वास्त लेकर जाती हैं, पर छह दिन बीते, उन शोहदों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. हताशा-निराशा के बीच मां कभी बेटी की हिम्मत बंधाती है. और बेटी मां की. 

 

सरेराह छेड़खानी का यह मामला रांची में लोअर बाजार थाना क्षेत्र स्थित कांटाटोली हरिजन बस्ती का है. नाबालिग छात्रा की मां ने इस संबंध में लोअर बाजार थाना में लिखित आवेदन दर्ज कराया है.

 

थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, नाबालिग छात्रा के साथ तीन युवक कॉलेज जाते समय छेड़खानी करते हैं और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती है. मां का आरोप है कि आरोपी युवक के पिता लोअर बाजार थाने में ड्राइवर के रूप में पदस्थापित है, इस कारण मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. 

 

पीड़िता की मां के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर की है. उनका आरोप है कि जब भी वह थाने जाती थीं, उन्हें थाना प्रभारी (बड़ा बाबू) से मिलने नहीं दिया जाता था और न ही अपनी शिकायत रखने का उचित अवसर मिल पाता था. लिखित आवेदन देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. 

 

न्याय की उम्मीद में पीड़िता की मां ने मानवाधिकार आयोग में कार्यरत एक महिला से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद वह अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी.  उन्हें बताया गया कि एसपी किसी अन्य कार्य में व्यस्त हैं.  इसके बाद उन्होंने सिटी एसपी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका. 

 

लगातार मिल रही निराशा और आरोपियों के डर से अब मां-बेटी घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रही हैं. इससे छात्रा की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. साथ ही परिवार को बेटी की सुरक्षा की चिंता सता रही है. हालांकि इस पूरे मामले में जब सिटी डीएसपी के वी रमन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. जांच की बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. 

 

बेटियों की सुरक्षा पर खड़े हो रहे सवाल

इस पूरे मामले ने राजधानी रांची में छात्राओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि किसी छात्रा को सड़क पर होने वाले अभद्र व्यवहार और मारपीट के डर से कॉलेज जाना छोड़ना पड़े, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है. सवाल यह भी है कि जब पीड़ित परिवार थाने में लिखित शिकायत देता है, तो उसे समय पर न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जाते. 

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