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IAS मनीष रंजन पहुंचे ईडी ऑफिस, टेंडर कमीशन घोटाला मामले में दूसरी बार पूछताछ

Ranchi :  इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) झारखंड में टेंडर कमीशन घोटाला मामले की जांच कर रही है. इस मामले को लेकर सोमवार को आईएएस मनीष रंजन ईडी ऑफिस पहुंचे. जिसके बाद ईडी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी. इससे पहले 28 मई को भी ईडी के समन पर मनीष रंजन ईडी ऑफिस पहुंचे थे. ई़डी के अधिकारियों ने मनीष रंजन से टेंडर कमीशन घोटाला मामले करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी.

ईडी के सवालों पर आलमगीर और मनीष ने साध ली थी चुप्पी 

बता दें कि ईडी ने बीते छह मई को मंत्री आलमगीर आलम के पीएस रहे संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान दोनों के  फ्लैट से ईडी को कई दस्तावेज हाथ लगे थे. ईडी को एक एक्सेल शीट भी मिली है, जिसमें कथित तौर पर कमीशन की राशि किन-किन लोगों को जाती थी, इसका पूरा विवरण मौजूद है. इस सीट पर मनीष रंजन का नाम भी था. उसी के आधार पर ईडी ने मनीष रंजन को 22 मई को समन जारी कर 24 मई को रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन वो ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे. इसके बाद ईडी ने 25 मई को मनीष रंजन को दूसरा समन भेजकर 28 मई को पूछताछ करने के लिए बुलाया था. 28 को आठ घंटे की लंबी पूछताछ में ईडी ने मनीष रंजन से कमीशन के संबंध में कई सवाल-जवाब किये. लेकिन उन्होंने इन सभी सवालों पर अपनी अनभिज्ञता जतायी. ईडी ने उन्हें मंत्री आलमगीर आलम के समक्ष भी बैठाकर भी कई सवाल किये. लेकिन ईडी के सवालों पर दोनों ने चुप्पी साध ली थी.

ईडी के हाथ लगी मनीष रंजन की प्रॉपर्टी डिटेल

झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव और फिलहाल राज्य में राजस्व सचिव के पद पर तैनात वरीय मनीष रंजन, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल समेत जहांगीर आलम की प्रॉपर्टी और इन्वेस्टमेंट की जानकारी जुटा रही है. ईडी को अब तक यह जानकारी मिली है कि मनीष रंजन उनकी पत्नी और पारिवारिक सदस्यों के नाम पर सिर्फ रांची जिला में तीन प्रॉपर्टी खरीदी गयी है. मनीष रंजन उनकी पत्नी और पारिवारिक सदस्यों के नाम पर जो संपत्ति खरीदी गयी है, वह फ्लैट और जमीन है. एक संपत्ति पिछले वर्ष ही खरीदी गयी है, जिसकी कीमत लाखों में है. एक प्रॉपर्टी की कीमत तो करीब 95 लाख से भी ज्यादा है. साथ ही मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल और उसकी पत्नी के नाम पर भी इन्वेस्टमेंट की जानकारी ईडी को मिली है.

ईडी का दावा- मंत्री से अधिकारी तक लेते थे टेंडर में कमीशन

टेंडर घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी अब तक विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, पीएस संजीव लाल, जहांगीर आलम, मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम, सीए मुकेश मित्तल सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी ने लगातार दो दिनों तक पूछताछ करने के बाद आलमगीर आलम को 15 मई को गिरफ्तार किया था. ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद ईडी के हाथ कई सबूत लगे हैं, जिससे लगातार नये-नये खुलासे हो रहे हैं. ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में अधिकारी से लेकर मंत्री तक कमीशन लेते थे. [wpse_comments_template]

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