Ranchi: IAS विनय चौबे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचते ही सब कुछ भूल गये थे. उन्हें यह भी याद नहीं था कि उनकी गाड़ी परिवार के किस सदस्य के नाम पर रिजस्टर्ड है. उन्हें अपने बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी नहीं याद थी. लेकिन उन्होंने यह माना था कि उत्पाद सचिव के रूप में उत्पाद नीति बनाने की जिम्मेवारी उनकी थी. छत्तीसगढ़ ईडी ने जब उन्हें समन भेज कर बुलाया था उस वक्त वह उत्पाद विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे.
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ ईडी ने वर्ष 2022 में एक प्राथमिकी दर्ज की थी. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड बोर्ड (CSMCL) के प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी, होलोग्राम बनाने वाली कंपनी प्रिज्म सहित शराब सिंडिकेट शामिल था.
झारखंड उत्पाद नीति 2022 बनाने में CSMCL के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सलाहकार नियुक्त किया गया था. साथ ही छत्तीसगढ़ का पूरा शराब सिंडिकेट झारखंड में शराब की व्यापारिक गतिविधि में शामिल था.
इन तथ्यों को देखते हुए छत्तीसगढ़ ईडी ने IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था. ईडी द्वारा भेजे गये पहले समन पर उन्होंने हाजिर होने के बदले समय मांगा था. ईडी ने इसे स्वीकार करते हुए पूछताछ के लिए दूसरी तिथि निर्धारित की थी. ईडी के दूसरे समन के पर वह अप्रैल 2023 में छत्तीसगढ़ ईडी के सामने पूछताछ के लिए हाजिर हुए.
ईडी द्वारा की गयी पूछताछ के दौरान उन्होंने कुछ ही सवालों का जवाब दिया था. ईडी के बाकी सवालों को यह कहते हुए टाल दिया था कि अभी उन्हें याद नहीं है. बाद में इसकी जानकारी दे देंगे. लेकिन उन्होंने बाद में ईडी को जवाब भेजा या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल पायी है. ईडी से पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने बच्चों का नाम बताया था. लेकिन पत्नी के नाम रजिस्टर्ड, XUV-500 की जानकारी नहीं दे पाये थे. बताया जाता है कि ईडी ने उनसे यह जानना चाहा था कि यह कार किसके नाम पर निबंधित है. जवाब में उन्होंने यह कहा था कि उन्हें याद नहीं है.
विनय चौबे के नाम पर पटना में एक फ्लैट है. उन्होंने नोएडा स्थित एक फ्लैट की बिक्री की है. लेकिन वह इससे जुड़े सवालों का जवाब भी नहीं दे पाये थे. बताया जाता है कि ईडी ने उनसे जानना चाहा था कि उन्होंने यह फ्लैट कब खरीदे थे. लेकिन उन्होंने इस सवाल को भी यह कहते हुए टाल दिया था कि उन्हें याद नहीं है. पटना स्थित फ्लैट उन्होंने 45 लाख में खरीदी थी. लेकिन उन्हें यह भी याद नहीं था. उनकी पत्नी ब्रह्मास्त्र प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं. पूछताछ के दौरान उन्होंने यह तो माना था कि उनकी पत्नी एक कंपनी में निदेशक हैं. लेकिन उन्हें कंपनी का नाम याद नहीं था.
झारखंड में उत्पाद नीति में बदलाव से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने यह माना था कि उत्पाद सचिव के रूप में उनकी जिम्मेवारी उत्पाद नीति बनाना है. झारखंड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य एक ही समय में बने थे. दोनों की भौगोलिक स्थिति भी करीब एक ही जैसी है. लेकिन उत्पाद से मिलने वाले राजस्व में भारी अंतर है. छत्तीसगढ़ को शराब से झारखंड के मुकाबले तीन गुना राजस्व मिलता था. वहां शराब के कारोबार पर CSMCL का नियंत्रण था. इस बात के मद्देनजर CSMCL को झारखंड में उत्पाद नीति बनाने के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया था.
इसी शराब घोटाले में बाद में झारखंड एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच के दौरान एसीबी ने विनय चौबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. उनके खिलाफ अलग-अलग पांच प्राथमिकियां दर्ज की गईं. पिछले हफ्ते वह जमानत पर जेल से बाहर निकले हैं.
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