Ranchi: IAS विनय कुमार चौबे उत्पाद नीति 2022 के सलाहकार अरुणपति त्रिपाठी को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं. वह विधु गुप्ता को जानते हैं. अनवर ढेबर, अरविंद सिंह, अतुल सिन्हा वगैर को नहीं जानते हैं. सिद्धार्थ सिंघानियां और उदय राव से मिलने की बात उन्हें याद नहीं. ईडी द्वारा झारखंड में कार्यरत छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट के सिलसिले में की गयी पूछताछ के दौरान विनय चौबे ने यह कहा था.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही ईडी द्वारा भेजे गये समन के आलोक में विनय चौबे अप्रैल 2023 में छत्तीसगढ़ गये थे. पूछताछ के दौरान ईडी ने उनसे यह जानना चाहा था कि वह छत्तीसगढ़ मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी को जानते हैं या नहीं. विनय चौबे से अरूणपति त्रिपाठी को व्यक्तिगत रूप से जानने से इनकार किया था. झारखंड उत्पाद नीति के सलाहकार होने के नाते आयोजित बैठक में उनकी मुलाकात त्रिपाठी से हुई थी. उत्पाद नीति के सिलसिले में उनकी बात त्रिपाठी से फोन पर होती थी.
विनय चौबे ने अरूणपति त्रिपाठी को सलाहकार नियुक्त करने से जुड़े सवालों के जवाब में कहा था कि झारखंड को शराब से कम राजस्व मिलता था. समान भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ को शराब से ज्यादा राजस्व मिलता था. इसलिए झारखंड में भी उत्पाद नीति में बदलाव का फैसला किया गया. उत्पाद नीति में बदलाव के लिए सबसे पहले तत्कालीन उत्पाद आयुक्त अमित कुमार के नेतृत्व में दिसंबर 2021 में एक टीम छत्तीसगढ़ भेजी गयी थी.
इसके बाद तत्कालीन पेयजल स्वच्छता सचिव प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक दल को छत्तीसगढ़ भेजा गया था. अमित कुमार के नेतृत्व में दिसंबर 2021 में टीम छत्तीसगढ़ गयी थी. प्रशांत कुमार के नेतृत्व में टीम जनवरी 2022 में छत्तीसगढ़ गयी थी. छत्तीसगढ़ से लौटने के बाद दोनों टीमों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद झारखंड सरकार ने 21 जनवरी 2022 को आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) को सलाहकार नियुक्त करने की अनुमति दी.
सरकार से CSMCL को सलाहकार नियुक्त करने की अनुमति के बाद झारखंड स्टेट बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) और CSMCL के बीच 2021-22, 2022-23 तक सलाह देने के लिए एक एग्रिमेंट पर हस्ताक्षर हुआ. लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि CSMCL में यह एग्रिमेंट किसके जरिए साइन हुआ. सलाहकार द्वारा दिलचस्पी नहीं लेने की वजह से बीच में ही एकरारनामा रद्द कर दिया गया. साथ ही कंसल्टेंट को फीस नहीं दिया गया.
उत्पाद नीति पर राय जानने के लिए विभिन्न विभागों को भेजा गया था. इसलिए अप्रैल 22 के बदले मई 2022 में नयी उत्पाद नीति लागू हुई. नयी नीति में शराब की थोक बिक्री निजी व्यक्तियों के माध्यम से और खुदरा बिक्री बिवरेजेज कॉरपोरेशन के माध्यम से की गयी. नयी उत्पाद नीति लागू होने का संतोषप्रद परिणाम निकला. राजस्व में भी वृद्धि हुई.
नयी नीति में पांच विक्रेताओं के माध्यम से शराब की थोक बिक्री का प्रावधान किया गया था. लेकिन टेंडर में सिर्फ तीन ने ही हिस्सा लिया. इसमें से एक का टेंडर तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया. इससे थोक शराब की बिक्री सिर्फ दो व्यापारियों के माध्यम से हुई. थोक विक्रेताओं की संख्या पांच करने के लिए कई बार टेंडर निकाला गया. लेकिन कोई नहीं आया.
ईडी ने पूछताछ के दौरान यह जानना चाहा था कि वह विधु गुप्ता, अनवर ढेबर, अतुल सिंह वगैर को जानते हैं या नहीं. विनय चौबे ने सिर्फ होलोग्राम बनाने वाली कंपनी के विधु गुप्ता को जानने की बात स्वीकार की. बाकी किसी को भी जानने से इनकार किया. ईडी ने विनय चौबे से यह जानना चाहा था कि 27-28 अप्रैल 2022 को वह अरूणपति त्रिपाठी, सिद्धार्थ सिंघानिया और उदय राव से मिले थे या नहीं. विनय चौबे ने सिद्धार्थ सिंघानियां और उदय राव को जानने से इनकार किया. लेकिन त्रिपाठी से मिले थे या नहीं यह उन्हें याद नहीं था.
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