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स्त्री-पुरुष के आपसी तालमेल से होगी आदर्श परिवार की स्थापना : डॉ अनुज

  • गिरिडीह कॉलेज में "पुरुष उत्पीड़न" विषय पर गोष्ठी का आयोजन
Giridih :  गिरिडीह कॉलेज में बुधवार देर शाम एनएसएस इकाई-2 और आईक्यूएसी के तत्वावधान में `पुरुष उत्पीड़न` विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. एनएसएस-2 की प्रभारी प्रो अरुणिमा सिंह की अगुवाई में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ अनुज कुमार ने और संचालन प्रो धर्मेंद्र कुमार ने किया. डॉ अनुज कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के समीप होने पर भी पुरुष उत्पीड़न जैसे नये मुद्दे पर संगोष्ठी विचारणीय है. उन्होंने कहा कि सदियों से पुरुष उत्पीड़ित होते आ रहे हैं. कैकेई के उत्पीड़न से ही दशरथ ने आहत होकर राम को वनवास दिया. आज के पुरुष भी उत्पीड़ित होते हैं. लेकिन मुंह नहीं खोलते हैं. स्त्री और पुरुष दोनों के आपसी तालमेल से ही आदर्श परिवार की स्थापना हो सकती है.

पुरुषों का उत्पीड़न की पृष्ठभूमि को भी समझना आवश्यक

प्रो सतीश यादव ने कहा कि वर्तमान समय में पुरुषों का उत्पीड़न की पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है. पुरुष उत्पीड़न का प्रभाव मनोवैज्ञानिक रूप से घातक है. प्रो विनीता कुमारी ने कहा कि महिला और पुरुष समाज के दो पहिए हैं, जिनके सहयोग से ही विकसित समाज का निर्माण होता है. इसलिए वर्तमान में दोनों को एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए. ताकि न ही महिला और न ही पुरुष का उत्पीडन हो. गोष्ठी में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया. जिसमें छात्रा हीना परवीन को प्रथम और विकास कुमार को द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर प्रो रश्मि कुमारी, प्रो आशा रजवार, रंजीत, हीरालाल, अवधेश मिश्रा, सिमरन, राहुल यादव, विशाल समेत काफी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे. [wpse_comments_template]

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