Search

धनबाद में एयर एंबुलेंस सेवा शुरू हो सकती है तो हवाई जहाज क्यों नहीं

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद में जब एयर एंबुलेंस सेवा शुरू हो सकती है तो यहां की हवाईपट्टी को सम्पूर्ण एयरपोर्ट का दर्जा क्यों नहीं मिल सकता. एयरपोर्ट के लिए थोड़े से विस्तार व भवन निर्माण के प्रति जन प्रतिनिधियों की उदासीनता व राजनीतिक इच्छाशक्ति भी बाधक बन रही है. एक अकेले निशिकांत दुबे जब देवघर में हवाई अड्डा बनवा सकते हैं तो फिर धनबाद के जनप्रतिनिधि पीछे क्यों ? केंद्रीय मंत्री पर मजबूत पकड़ और दृढ़ इरादे की कमी के कारण धनबाद कोयलांचल के लोगों की चिरप्रतीक्षित यह मांग अब तक नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित हो रही है. इधर राज्य सरकार ने राज्य में इस बार एयर एंबुलेंस सेवा के लिए धनबाद का भी चयन किया है. अहर्निश जारी रहने वाली इस सेवा का लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो तुरत दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या अन्य कहीं इलाज के लिए जाना चाहते हैं. इस एम्बुलेंस में आपातकालीन उपकरणों सहित चिकित्सक की भी ब्यवस्था रहेगी. दूसरी ओर लोगों का मानना है कि शहर में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर अभी तक पहेलियां बुझाई जा रही हैं. सबसे बड़ा सवाल है कि धनबाद से जब एयर एंबुलेंस सेवा शुरू हो सकती है तो हवाई जहाज क्यों नहीं उड़ सकता है.   क्योंकि एयरपोर्ट को लेकर अभी तक केंद्र और सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है. केंद्र अभी तक त्वरित एक्शन की बात कहते आ रहा है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है. दरअसल एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिये जमीन राज्य सरकार को देनी है और निर्माण एयरपोर्ट अथॉरिटी को करना है. जानकारी के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने धनबाद में हवाई अड्डे की लगातार उठ रही मांग को देखते हुए पिछले महीने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. जिसमें मांग के संबंध में जांच कर विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही थी. लेकिन अभी तक इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नही आया है. इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता निर्मल कुमार मुखर्जी धनबाद में एयरपोर्ट की मांग को लेकर मंत्रालय से लगातार पत्राचार कर रहे हैं. इसके अलावा धनबाद के कुछ अन्य संगठन भी सक्रिय हैं.  श्री मुखर्जी ने बताया कि देर से ही सही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हमारी मांग को संज्ञान में लिया है. मेरे पास इसकी कापी एक महीने बाद आई है. केंद्र ने राज्य सरकार को हवाई अड्डे के लिए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं. अब देखना है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर अपना ज़बाब क्या देती है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp