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शहरी क्षेत्र में 4 घंटे के अंदर ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज ठीक न हुआ तो देना होगा जुर्माना

 
ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे के अंदर ठीक करना होगा ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज 24 घंटे के अंदर बदलना होगा ट्रांसफॉर्मर हर हाल में 30 दिन के अंदर देना होगा नया बिजली कनेक्शन Ravi Bharti Ranchi: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पावर सप्लाई करने वाली सभी कंपनियों पर शिकंजा कस दिया है. नियामक आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगर शहरी क्षेत्र ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ गया है, तो उसे अधिकतम चार घंटे के भीतर ठीक करना होगा. नहीं तो उस ट्रांसफॉर्मर से जुड़े सभी उपभोक्ता को 25 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ने पर अधिकतम 24 घंटे के भीतर ठीक करना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो उस ट्रांसफॉर्मर से जुड़े सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं को 25 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा. झारखंड के बिजली वितरण के पांच लाइसेंसी हैं. इसमें झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम, टाटा पावर, सेल बोकारो, जुस्को और डीवीसी शामिल हैं.

24 घंटे में जला ट्रांसफॉर्मर करना होगा दुरुस्त

राज्य के शहरी क्षेत्रों में त्रुटिपूर्ण या जले हुए ट्रांसफॉर्मर को 24 घंटे के अंदर बदलना होगा या दुरुस्त करना होगा. ऐसा नहीं होने पर उस ट्रांसफॉर्मर से जुड़े उपभोक्ताओं को 25 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में त्रुटिपूर्ण या जले हुए ट्रांसफॉर्मर को 48 घंटे के अंदर बदलना होगा या दुरुस्त करना होगा. यदि उपरोक्त समय सीमा में ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला जाता है तो मुआवजा मांगने पर प्रत्येक उपभोक्ता को 25 रू प्रतिदिन की दर से हर्जाना वितरण कम्पनी द्वारा देय होगा.

प्रोविजनल विद्युत कनेक्शन का भी प्रावधान

नियामक आयोग ने जारी आदेश में कहा है कि ऐसे व्यक्ति या संस्था जिनके पास परिसर का वैध अधिकार या स्वामित्व संबंधित दस्तावेज नहीं है वे भी सप्लाई कोड के नियमानुसार प्रोविजनल विद्युत कनेक्शन ले सकते हैं. वितरण कंपनी को हर हाल में 30 दिन के अंदर नया विद्युत कनेक्शन देना अनिवार्य है. बिजली आपूर्ति में शिकायत या बिल संबंधी शिकायतों का निपटारा निर्धारित समय के अंदर निष्पादित नहीं होता है तो आयोग वितरण कंपनी पर हर्जाना लगा सकता है. सभी बिजली वितरण कंपनी को हर माह उपभोक्ताओं को बिजली बिल देना अनिवार्य है.

5 दिन के अंदर बिल भुगतान पर दो फीसदी की छूट

बिजली उपभोक्ता अगर 5 दिनों के भीतर बिल का भुगतान करता है, तो उसे बिल के भुगतान पर 2 फीसदी की त्वरित भुगतान छूट प्रदान की जाएगी. ऑनलाइन या किसी भी डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान की गई संपूर्ण बिल राशि के नियत तिथि के भीतर भुगतान करने पर बिल राशि पर एक फीसदी की छूट दी जाएगी. प्रीपेड मीटरिंग पर स्विच करने के लिए संबंधित उपभोक्ता श्रेणी के लिए ऊर्जा शुल्क पर तीन फीसदी की छूट लागू रहेगी और प्रीपेड मीटर की स्थापना के एक महीने के भीतर पूरी सुरक्षा जमा राशि वापस कर दी जाएगी. वर्जन
हर हाल में पांचों लाइसेंसी को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेशों का पालन करना होगा. उपभोक्ताओं को क्वालिटी बिजली मिले, यह आयोग की पहली प्राथमिकता है. 
अतुल कुमार, सदस्य तकनीक, झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग. [wpse_comments_template]      
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