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मोदी जीते तो तानाशाही आ जायेगी...खड़गे के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा, वंशवादी राजनीति का अंत हो रहा है...

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New Delhi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर मंगलवार को उन पर पलटवार किया और कहा कि देश में वंशवादी राजनीति का अंत हो रहा है और सच्चे लोकतंत्र का उदय हो रहा है.                                                           नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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कांग्रेस सोच रही है कि उसका भविष्य क्या होगा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को ओडिशा में पार्टी की एक सभा में दावा किया था कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी फिर जीत गयी तो फिर देश में चुनाव नहीं होगा और तानाशाही आ जायेगी. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने खड़गे की इस टिप्पणी को लेकर उन पर पलटवार करते हुए कहा, लोकतंत्र की आड़ में होने वाली वंशवादी राजनीति समाप्त हो रही है, और वे सोच रहे हैं कि उनका भविष्य क्या होगा.

पिछले चुनाव में मतदाताओं ने वंशवादी राजनीति खारिज कर दी

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, चाहे जम्मू-कश्मीर में अब्दुल्ला और मुफ़्ती परिवार हों, या पंजाब में बादल, हरियाणा में हुडा परिवार, ये सभी चुनाव हार गये. अशोक गहलोत के पुत्र भी चुनाव हार गये. अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव हार गयी, बिहार में लालू प्रसाद यादव की बेटी चुनाव हार गयी. वंशवादी राजनीति के सबसे बड़े प्रतीक राहुल गांधी चुनाव हार गये. उन्होंने कहा, खड़गे जी जो भी कह रहे हैं, उसका वास्तविक अर्थ यह है कि लोकतंत्र की आड़ में की जाने वाली वंशवादी राजनीति को पिछले चुनाव में मतदाताओं ने पूरी तरह से खारिज कर दिया.

सच्चे लोकतंत्र का वास्तविक उद्भव हो रहा है

सच्चे लोकतंत्र का वास्तविक उद्भव हो रहा है. त्रिवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में केवल दो प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नरेन्द्र मोदी लोकतांत्रिक ढंग से चुने गये. भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अप्रैल 1946 में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में 16 मतों को छोड़कर सारे मत सरदार वल्लभभाई पटेल को मिले. नेहरू को कोई वोट नहीं मिला था.

मनमोहन सिंह को   सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री चुना था, जनता ने नहीं  

यह बात आचार्य कृपलानी और मौलाना आजाद की किताबों में है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री चुना था, जनता ने नहीं चुना था. उन्होंने कहा, क्या इंदिरा गांधी पहली बार वोट के जरिए सत्ता में आयी थीं? नहीं, वह पहली बार कांग्रेस के आंतरिक फैसले से प्रधानमंत्री बनीं. त्रिवेदी ने कहा कि इंदिरा गांधी की दुखद हत्या के बाद पैदा हुई परिस्थिति में राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे. [wpse_comments_template]

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