Ranchi: कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए बने आइसोलेशन कोच रेलवे के लिए फिर से परेशानी का सबब बनेगा. उपयोग के अभाव में इन बोगियों का फिर से कायाकल्प किया जाएगा. यदि इन आइसोलेशन कोचों का उपयोग नहीं होता है तो इन कोचों को फिर से यात्री ट्रेनों के कोच के रूप में परिवर्तित करना होगा. इसे सवारी बोगी के कोच रूप में परिवर्तित करने के लिए रेलवे को फिर से करोड़ों रुपए खर्च करने होंगे. इन कोचों का पैसेंजर ट्रेनों में इस्तेमाल किया जाएगा. कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेलवे ने हाजीपुर और दक्षिण पूर्व रेलवे दोनों जोन में 500 से भी अधिक आइसोलेशन कोच बनाए हैं. इसे भी पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-campaign-will-be-run-for-strict-compliance-of-corona-guideline/5767/">रांचीः
कोरोना गाइडलाइन के सख्ती से अनुपालन को लेकर चलेगा अभियान लेकिन रांची समेत अन्य रेल मंडल के अंतर्गत स्थानीय प्रशासन को अब तक आइसोलेशन कोचों की आवश्यकता नहीं पड़ी है. नतीजतन यह सभी कोच अपने-अपने रेल मंडल के अंतर्गत यार्ड में खड़े हैं.
कोरोना वैक्सीन Covaxin पर दुनिया की नजर, प्रसिद्ध जर्नल द लैंसेट डेटा प्रकाशित करेगा : ICMR
कोरोना गाइडलाइन के सख्ती से अनुपालन को लेकर चलेगा अभियान लेकिन रांची समेत अन्य रेल मंडल के अंतर्गत स्थानीय प्रशासन को अब तक आइसोलेशन कोचों की आवश्यकता नहीं पड़ी है. नतीजतन यह सभी कोच अपने-अपने रेल मंडल के अंतर्गत यार्ड में खड़े हैं.
अप्रैल से ही बनकर तैयार हैं आइसोलेशन कोच
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को लेकर इसे अप्रैल 2020 तक बना लिया गया था. हर कोच को आइसोलेशन कोच बनाने और उसके रखरखाव में एक लाख रुपये प्रति कोच खर्च हुए हैं. हर एक कोच में 9 केबिन बनाए गए हैं. जिसमें पहले केबिन में स्वास्थ्य कर्मियों और उसके बाद अन्य आठ केबिन में कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज की व्यवस्था है. इन कोचों में मरीजों के टॉयलेट से लेकर ऑक्सीजन तक की व्यवस्था है. इसे भी पढ़ें-देसी">https://lagatar.in/the-world-eye-on-desi-corona-vaccine-covaxin-the-famous-journal-the-lancet-will-publish-data-icmr/12461/">देसीकोरोना वैक्सीन Covaxin पर दुनिया की नजर, प्रसिद्ध जर्नल द लैंसेट डेटा प्रकाशित करेगा : ICMR
Leave a Comment