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पारसनाथ अगर आदिवासियों के हवाले नहीं हुआ, तो फरवरी से अनिश्चितकालीन नाकाबंदी : सालखन मुर्मू

हेमंत सरकार पर जमकर बरसे, उठाया सवाल : संविधान में धार्मिक मान्यता देने का प्रावधान, आदिवासियों को क्यों नहीं दिया गया सरना कोड Hazaribagh : पारसनाथ पहाड़ी आखिर किसका होगा, इसका विवाद गहराता जा रहा है. हजारीबाग पहुंचे आदिवासी नेता सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने ऐलान कर दिया है कि 30 जनवरी तक अगर आदिवासियों के हित में फैसला नहीं आया, तो फरवरी में किसी भी दिन से झारखंड, बंगाल, ओडिशा, बिहार और असम में अनिश्चितकालीन सड़क जाम और रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार दोषी होंगे. उन्होंने कहा कि पारसनाथ पहाड़ी उन लोगों के भगवान का घर मरांग बुरु है. उन्होंने कहा कि संविधान में धार्मिक मान्यता देने का प्रावधान है. इसके बावजूद आदिवासियों को सरना कोड क्यों नहीं दिया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया कि वे आदिवासियों को लूट रहे हैं. इसे भी पढ़ें : रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-pashupati-kumar-paras-handed-over-appointment-letters-to-219-youths/">रांचीः

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झूठी वाहवाही लूट रहे हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खतियानी यात्रा कर रहे और हम पूरे देश भर में मरांग बुरु को बचाने के लिए यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति आरक्षण, नीति नियोजन, नीति बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है, लेकिन राज्य सरकार यह नीति बनाना नहीं चाहती है और झूठ का बाजार बनाकर अपनी वाहवाही लूट रही है. उन्होंने कहा कि खतियान की जरूरत रोजगार पाने के लिए नहीं होना चाहिए. नब्बे फीसदी झारखंड की सरकारी एवं निजी नौकरी ग्रामीणों को देनी चाहिए. प्रखंड के आवेदकों को प्रखंड में ही नौकरी देने की नीति बनानी चाहिए. इससे खतियान की जरूरत नहीं पड़ेगी. झारखंड में अब तक आरक्षण नीति और डोमिसाइल नीति नहीं बनने पर सरकार को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि सोरेन पर‍िवार ने आदिवासियों को बेच दिया और धोखा भी दिया. अब तो आलम यह है कि हमारे भगवान मरांग बुरु को भी सरकार ने जैन धर्मावलंबियों को बेच दिया है. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने 1993 में नरसिम्हा राव की सरकार के समय हम लोगों को बेचा था. सरकार सोची-समझी साजिश के तहत महतो और कुर्मी को एसटी का दर्जा दे रही है. हम आदिवासी एसटी हैं. जब कुर्मी को एसटी का दर्जा मिल जाएगा, तो आदिवासियों के अधिकार का हनन होगा. यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि हम चर्च के धर्मगुरु का भी विरोध करते हैं, जो आदिवासियों को ईसाई बना रहे हैं. आदिवासियों को ईसाई बनाकर वे गुलाम बनाना चाहते हैं. अब एक बड़ा आंदोलन फिर से होने जा रहा है. इसे भी पढ़ें : ‘शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-investigation-cracks-started-falling-pitch-started-crumbling-2-5-km-road-built-in-1-63-crores-did-not-last-even-for-three-years/">‘शुभम

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