पाकुड़ में लोगों को पीने का पानी नहीं मिला तो पेयजल सचिव को कोर्ट के समक्ष होना होगा हाजिर : HC
Vinit Abha Upadhyay Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की इस बात के लिए आलोचना की कि वह राज्य के पाकुड़ जिले के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रही है. दरअसल पाकुड़ जिले के रहने वाले मुकुल भटाचार्य ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि पाकुड़ नगर परिषद के वार्ड संख्या 1 से 6 के निवासियों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है. हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश देते हुए मौखिक रूप से कहा कि अगर उक्त इलाके के लोगों को पीने का स्वच्छ पानी मुहैया नहीं कराया गया तो अगली सुनवाई के दौरान अदालत पेयजल एवं स्वछता विभाग के सचिव को तलब कर सकता है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद और अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने अदालत को बताया कि पेयजल विभाग जलापूर्ति का प्रबंधन कर रहा है और पानी की कमी को दूर करने के लिए अब विभिन्न वार्डों में गहरे बोरवेल लगाये गये हैं. इसके साथ ही उन्होंने अदालत को यह भी आश्वस्त किया कि जल आपूर्ति की स्थिति का आकलन करने के बाद अतिरिक्त बोरवेल लगाये जायेंगे. लॉन्ग टर्म प्लान के लिए फरक्का बांध से पानी के बंटवारे के बारे में पश्चिम बंगाल सरकार के साथ चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है और निर्णय आने के बाद पाकुड़ में पानी की समस्या खत्म हो जायेगी. राज्य सरकार की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राज्य को जल बंटवारे और उठाये गये अन्य कदमों पर बंगाल सरकार के साथ चर्चा की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ एक हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. अब अदालत इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद करेगा. [wpse_comments_template]
Leave a Comment