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संस्कृति नहीं रहेगी तो जड़ें भी नहीं रहेंगी- राज्यपाल

Ranchi: सांसद खेल महोत्सव के दूसरे दिन झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन आर्यभट्ट सभागार पहुंचे. इसके अलावा लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर कड़िया मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी महोत्सव में शिरकत की. इन विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली अदिती डांस ग्रुप ने अपने भरत नाट्यम के प्रदर्शन से सबका मन मोह लिया. जबकि सिल्ली और ठाकुरगांव के छउ नृत्य समूहों ने मानभूम छउ का प्रदर्शन किया. बाल कलाकार अश्विनी महतो ने अपने कुरमाली गीत से लोगों का दिल जीता. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/1-14.jpg"

alt="" width="1280" height="853" /> इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने संजय सेठ को बधाई दी और कहा की इस कार्यक्रम को देख कर जो अनुभूति हुई है उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. उन्होंने कहा की संजय सेठ ने अपने सांसद खेल महोत्सव में भी उन्हें आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं जा पाए और इसका उन्हे मलाल है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/3-9.jpg"

alt="" width="1280" height="853" /> कड़िया मुंडा ने कहा की जे नाची से बांची का मतलब बहुत गहरा है. हमारी भारतीय संस्कृति में गीत संगीत और नृत्य का खास स्थान है. जिस तरह पूजा पाठ करने से आध्यात्मिक संतुष्टि मिलती है, वैसे ही गीत संगीत अगर हट जाए तो ये जीवन निर्जीव हो जाएगा. मुख्य अतिथि और झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने इस मौके पर कहा की जब वे झारखंड के राज्यपाल बने थे, तो उनका पहला कार्यक्रम सांसद संजय सेठ का ही सांसद खेल महोत्सव था. जहां वे मुख्य अतिथि के तौर पर गए थे. उस वक्त उन्होंने देखा था की कैसे खेलों में छिपी हुई प्रतिभाओं को इन्होंने गांव से निकाल कर एक प्लेटफार्म दिया और अब कला के प्रतिभाओं को प्लेटफार्म मिल रहा है. राज्यपाल ने कहा कि कला संस्कृति ही किसी देश की जड़ होती हैं, और अगर संस्कृति नहीं रहेगी तो जड़ें भी नहीं रहेंगी. उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इस आयोजन के लिए बधाई दी. बता दें कि रांची संसदीय क्षेत्र के करीब 2600 कलाकार इस महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं. राजधानी के चार प्रमुख सभागारों आर्यभट्ट सभागार, मयूरी सभागार, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय सभागार और ऑड्रे हाउस में कुल दस विधाओं की प्रतियोगिता हो रही है. जिसमें जनजातीय नृत्य, शास्त्रीय नृत्य (सामूहिक), शास्त्रीय नृत्य (एकल) , एकल गायन, जनजातीय वाद्य, सामूहिक कोरियोग्राफी, माईम, लोक नृत्य (सामूहिक), सामूहिक गीत और लघु नाटिका शामिल हैं. इस आयोजन को दो आयुवर्ग में बांटा गया है. एक जूनियर 10 से 17 वर्ष और दूसरा सीनियर जो 17 से ऊपर के आयु वर्ग का हैं. 7 मई को इसका समापन समारोह आर्यभट्ट सभागार में आयोजित होगा. जिसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल और अर्जुन मुंडा शामिल होंगे. [wpse_comments_template]

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