Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

अगर आप डरते नहीं, सरकार के सामने झुकते नहीं, तो किसी से भी इस्तीफा ले सकते : अभिजीत दिपके

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि हमने यह कर दिखाया है. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं.
Advertisement
Advertisement
  • अगर आप डरते नहीं, सरकार के सामने झुकते नहीं, तो किसी से भी इस्तीफा ले सकते
  • छात्र आंदोलन ने कुंभकरण की नींद सो रही मोदी सरकार को जगाया
  • राहुल की कोशिशों से प्रधान ने दिया इस्तीफा

Lagatar Desk :  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि हमने यह कर दिखाया है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं. 

 

 

अभिजीत दिपके ने कहा है कि जब तक उनकी तीनों मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे. उनका आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा. कहा कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए 1 करोड़ की मांग और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की मांग अब भी लंबित है. 

 

सीजेपी के संस्थापक ने सीजेआई सूर्यकांत को कॉकरोच कहने के लिए शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि अगर आपने हमें कॉकरोच नहीं कहा होता, तो प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता.

 

 

 

छात्र आंदोलन ने कुंभकरण की नींद सो रही मोदी सरकार को जगाया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे देश के युवाओं के आंदोलन की जीत बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है. संजय सिंह ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा है कि युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद. जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है. 

 

उन्होंने आगे कहा कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुंभकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया. यह भी कहा कि पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोजगार तक जाएगी.  इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी. आंदोलन की विजय पर सभी युवाओं को बधाई. जय हिंद.

 

 

राहुल की कोशिशों से प्रधान ने दिया इस्तीफा 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यह इस्तीफा दबाव के कारण आया है. इसमें प्रधान की ना तो अपनी मर्जी थी और ना ही इसके प्रति उनकी संवेदनशीलता थी.. सुखदेव भगत ने प्रधान के इस्तीफा को राहुल गांधी की कोशिशों का नतीजा बताया. 

 

 

प्रधान का इस्तीफा PM मोदी की जिद की हार है : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधान के इस्तीफे को सत्य की जीत और PM मोदी की जिद की हार करार दिया. उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आखिरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई. 

 

खड़गे ने कहा कि प्रधान का इस्तीफा उन करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई. ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है. ये उन सभी परिवारों की जीत हैं, जिन्होंने अपने खून, अपने बच्चों को खोया.

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे विपक्ष की साझा जीत बताया,  जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि प्रधान के इस्तीफे के बाद अब मोदी जी के माफी मांगने की पारी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को उन पर भी कठोर कार्यवाही करने होगी, जिन्होंने इन युवा पीढ़ी पर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है.

 

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया है. कहा कि यह सीधा लोकतंत्र... जो सड़कों से निकला और शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. उन्होंने
सीजेपी और देश की Gen Z को बधाई दी. साथ ही उन सभी लोगों का धन्यवाद दिया, जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई.

 

 

अब कोई युवाओं की आवाज को दबाने की हिम्मत नहीं करेगा : प्रियंका

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाती रही है और अब छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

 

प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी काफी समय से पेपर लीक और परीक्षा सुधार के मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं. कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस को प्रेरित किया कि वे सिर्फ छात्रों का समर्थन ही न करें, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए देशव्यापी आंदोलन भी खड़ा करें.

 

उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है. गांधी ने यह भी कहा कि वो प्रधान के इस्तीफे की खबर से बहुत खुश हैं. कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में कई बार मैंने खुद से पूछा कि हमारे युवा आखिर कब जागेंगे. आज देश के युवाओं ने अपनी बात मजबूती से रखी है और अब कोई भी उनकी आवाज को दबाने की हिम्मत नहीं करेगा.

 

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा.  उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है, विभिन्न संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप हो रहा है और विरोध की आवाज उठाने वालों के खिलाफ दबाव की राजनीति अपनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही