
Dr Anuj Kumar
Insulin Sensitivity का मतलब है कि शरीर की कोशिकाएं Insulin की बात को कितनी अच्छी तरह समझती हैं. जब इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, तो शरीर को शुगर को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है और धीरे-धीरे ब्लड शुगर बढ़ने लगता है. अच्छी बात यह है कि इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार किया जा सकता है. अगर हम कुछ काम कर लें तो इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधार सकते हैं और खुद को डायबिटीज से बचा भी सकते हैं.
पेट की चर्बी कम करें
अगर वजन ज्यादा है तो सिर्फ 5-10% वजन कम करना भी इंसुलिन सेंसिटिविटी में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है. खासकर पेट के आसपास की चर्बी कम करना फायदेमंद है.
मांसपेशियों को मजबूत करें
हफ्ते में 2-4 दिन Strength Training करें. मांसपेशियां ग्लूकोज को इस्तेमाल करने का सबसे अच्छ माध्यम हैं. नियमित exercise से मांसपेशियां इंसुलिन के प्रति ज्यादा रेस्पांसिव (Responsive) होती हैं.
खाना खाने के बाद 10-15 मिनट चलें
यह एक बहुत आसान लेकिन प्रभावी आदत है. भोजन के बाद हल्का 10-15 मिनट चलने से भोजन के बाद ब्लड सुगर बढ़ना (Post-meal blood sugar का Rise) कम हो सकता है.
रोजाना शारीरिक गतिविधि रखें
हफ्ते में कम से कम 150 मिनट Moderate aerobic exercise जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना (Cycling) या जॉगिंग (Jogging) का लक्ष्य रखें.
चीनी और Refined Carbohydrates कम करें
मीठे पेय, मिठाई, ज्यादा चीनी, मैदा और अत्यधिक Processed Foods को सीमित करें. सिर्फ चीनी बंद करना पर्याप्त नहीं है. कुल भोजन (Diet) की Quality और मात्रा दोनों महत्वपूर्ण हैं.
प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं
दाल, चना, सब्जियां, साबुत अनाज, Nuts और पर्याप्त प्रोटीन (Protein) वाला भोजन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और Blood Glucose के अचानक बढ़ने को कम करने में मदद करता है.
लंबे समय तक लगातार न बैठें
अगर आपका काम बैठकर करने वाला है, तो हर 30 से 60 मिनट में कुछ मिनट चलना फिरना बेहतर है.
नींद को गंभीरता से लें
लगातार कम नींद Insulin Sensitivity को खराब कर सकती है. अधिकांश वयस्कों को लगभग 7-9 घंटे की नियमित नींद की जरूरत होती है.
सबसे आसान शुरुआत
- हर भोजन के बाद 10-15 मिनट चलना.
- सप्ताह में 3 दिन Strength Training.
- मीठे/Ultra-Processed Food में कमी.
- पर्याप्त नींद.
इन चार आदतों को लगातार अपनाना Insulin Resistance को सुधारने की दिशा में एक मजबूत शुरुआत है.
याद रखें
Pre-Diabetes या शुरुआती Type-2 Diabetes का मतलब यह नहीं कि आगे Diabetes होना तय है. सही Lifestyle और जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सा उपचार से Metabolic health में काफी सुधार किया जा सकता है.