- संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट आरोप गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है
- स मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी.
- सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की पीठ में हुई.
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम (RMC) से जुड़े गौरव कुमार बेसरा के अवमानना मामले में कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने रांची नगर निगम के प्रशासक/म्यूनिसिपल कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है.
निर्देश दिया कि RMC के प्रशासक स्वयं अदालत में उपस्थित होकर बतायें कि 22 जुलाई 2025 को पारित आदेश (W.P.(C) No. 5345/2022) के अनुपालन में आखिर क्या बाधा आ रही है.
यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो अदालत कानून के अनुसार आरोप तय (चार्ज फ्रेम) करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सोनम ने पक्ष रखा. सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की पीठ में हुई.
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि 22 जुलाई 2025 के कोर्ट के आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है. बता दें कि RMC के प्रशासक ने टाउन प्लानर और लीगल सेक्शन से संबंधित व्यवस्था जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था.
कोर्ट ने यह भी ऑब्जर्व किया कि कई तारीखों (12 नवंबर, 3 दिसंबर, 9 दिसंबर 2025 और 24 व 30 मार्च 2026) पर मौका देने के बावजूद कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ. इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई.
यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 के आदेश पर रोक लगाई है, लेकिन बाकी आदेश अब भी प्रभावी हैं. साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को मुख्य मामले की सुनवाई जारी रखने को कहा है.
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