Jamsedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के लर्निंग सपोर्ट सेंटर में आयोजित इग्नू बीएड (2022-2023) की कार्यशाला-2 के दूसरे दिन शुक्रवार को बीएड प्रोग्राम को-आर्डिनेटर डॉ त्रिपुरा झा ने सत्र की शुरुआत की. प्रार्थना सभा के संग को-ऑर्डिनेटर ने प्रथम दिवस के सभी सत्र का संक्षिप्त परिचय दिया एवं शिक्षार्थियों को प्रतिवेदन तैयार करने की सलाह देते हुए उन्होंने पाठ्यचर्या विश्लेषण के महत्वपूर्ण पक्ष को रेखांकित किया. आज के सत्र के पहले अंश एवं दूसरे अंश की रिसोर्स पर्सन कोल्हान विश्वविद्यालय एमएड विभाग की डॉ सुचित्रा बेहरा थीं. उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पाठ्यक्रम विश्लेषण पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-annual-holiday-in-court-till-20th-november-alternative-arrangements-made/">जमशेदपुर
: 20 नवंबर तक कोर्ट में वार्षिक अवकाश, किए गए वैकल्पिक प्रबंध उन्होंने कहा कि "विद्यालय में जो पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं वह किस हद तक हमारे देश समाज एवं व्यक्तित्व के लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं. एक शिक्षक के रूप में हमें अपने पाठ्यक्रम का अवलोकन कर उनमें निहित उद्देश्यों को पूरा करना चाहिए." कार्यशाला के तीसरे एवं चौथे अंश का संचालन जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी एमएड विभाग की सोनी कुमारी ने किया. उन्होंने आंकलन, मूल्यांकन एवं मापन के विभिन्न परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षुओं का ज्ञानवर्धन किया. साथ ही पावर पॉइंट भी काफी सूचनाप्रद रहा. दूसरे दिन के इस सत्र का समापन डॉ त्रिपुरा झा के दिशा-निर्देश में राष्ट्रगान के साथ हुआ. सभी सत्रों में नेहा सुरुचि मिंज, प्रभाकर राव एवं उपेंद्र शर्मा की सराहनीय भूमिका रही. [wpse_comments_template]
: 20 नवंबर तक कोर्ट में वार्षिक अवकाश, किए गए वैकल्पिक प्रबंध उन्होंने कहा कि "विद्यालय में जो पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं वह किस हद तक हमारे देश समाज एवं व्यक्तित्व के लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं. एक शिक्षक के रूप में हमें अपने पाठ्यक्रम का अवलोकन कर उनमें निहित उद्देश्यों को पूरा करना चाहिए." कार्यशाला के तीसरे एवं चौथे अंश का संचालन जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी एमएड विभाग की सोनी कुमारी ने किया. उन्होंने आंकलन, मूल्यांकन एवं मापन के विभिन्न परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षुओं का ज्ञानवर्धन किया. साथ ही पावर पॉइंट भी काफी सूचनाप्रद रहा. दूसरे दिन के इस सत्र का समापन डॉ त्रिपुरा झा के दिशा-निर्देश में राष्ट्रगान के साथ हुआ. सभी सत्रों में नेहा सुरुचि मिंज, प्रभाकर राव एवं उपेंद्र शर्मा की सराहनीय भूमिका रही. [wpse_comments_template]
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